क्या महिलाओं के लिए सुरक्षित है गुजरात? एक साल में लापता हुईं 7648 महिलाएं

गांधीनगर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को महिला के सम्मान के तौर पर मनाया जाता है. आज (8 मार्च) के दिन उनकी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक उपलब्धियों पर हम जश्न मनाते हैं. लेकिन, इस मौके पर गुजरात विधानसभा में पूछे गए एक सवाल का जवाब सुनने के बाद ऐसा लगने लगा है कि देश के इस विकसित कहे जाने वाले राज्य में महिलाओं असुरक्षित हैं. दरअसल, गुजरात विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक विधायक ने पूछा कि पिछले दो सालों में प्रदेश के अलग-अलग शहरों से कितनी महिलाएं लापता हुई हैं? सरकार की तरफ से जवाब में कहा गया कि पिछले दो सालों में गुजरात से 14 हजार 229 महिलाएं लापता हुई हैं.

3509 महिलाएं अभी भी लापता
आगे कहा गया कि, लापता महिलाओं में से 10 हजार 720 महिलाओं का पता चल चुका है, जबकि 3509 महिलाएं अभी तक लापता हैं. सरकार की तरफ से दिए गए जवाब के मुताबिक, 2016 में 6581 महिलाएं और 2017 में 7648 महिलाएं लापता हुईं. इन दो सालों में सबसे ज्यादा अहमदाबाद से 2908 और सबसे कम गांधीनगर से 630 महिलाएं लापता हुई हैं. 2016 में अहमदाबाद से 1255 जबकि 2017 में 1653 महिलाएं लापता हुई हैं.

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सरकार की तरफ से उठाए गए ये कदम
लापता महिलाओं को खोजने की दिशा में सरकार की तरफ से क्या कदम उठाए जा रहे हैं? इस सवाल के जवाब में कहा गया कि लापता महिलाओं को खोजने के लिए उनकी फोटो, शारीरिक संरचना, रंग समेत अन्य जानकारी टीवी चैनलों पर दी जाती है. इसके अलावा ई-गुजकोप प्रोजेक्ट के तहत फोटो के साथ पूरी जानकारी अपलोड की गई है. इसके अलावा लापता महिलाओं की जानकारी और पोस्टर सार्वजनिक जगहों, अनाथ आश्रम और पुलिस चौकियों में लगाए गए हैं.

गुजरात पुलिस की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
पिछले महीने गुजरात पुलिस की तरफ से महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर एक आंकड़ा पेश किया गया था, जिसके बाद विजय रूपाणी सरकार कठघरे में है. पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में महिलाओं के खिलाफ अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. अपराध के आंकड़े को गुजरात के DGP ने पेश किया था. रिपोर्ट में कहा गया कि प्रदेश में रेप, छेड़छाड़ , दहेज के लिए हत्या और प्रताड़ित किए जाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि गुजरात में रोजाना 14 महिलाएं किसी न किसी अपराध का शिकार होती हैं. इनमें से 6 महिलाएं रेप, यौन शोषण और दहेज प्रताड़ना की शिकार हो रही हैं. राजधानी अहमदाबाद में हर दूसरे दिन छेड़छाड़ और 6 दिन में एक रेप की घटना घटित हो रही है. पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में दहेज उत्पीड़न के 86 मामले पाए गए जो साल 2017 में बढ़कर 656 हो गया था.

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