भारत और फ्रांस में डिफेंस, स्पेस सहित 14 नए समझौतों पर करार

नई दिल्ली: भारत और फ्रांस के बीच शनिवार (10 मार्च) को रेल, उच्च शिक्षा, रक्षा, पर्यावरण और अंतरिक्ष सहित 14 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस को सबसे भरोसेमंद रक्षा पार्टनर बताया. दोनों मुल्कों के बीच 14 अहम करार पर उन्होंने कहा, ‘रक्षा अंतरिक्ष और पर्यावरण का हमारा इतिहास बहुत लम्बा है, सरकार किसी की भी हो हमारी दोस्ती और ऊंचे पर ही रहे हैं. हम फ्रांस के सबसे विश्वस्त रक्षा पार्टनर में से एक हैं. रक्षा उपकरण और उत्पादन में हमारे सम्बन्ध बहुत अमूल्य हैं, विश्व में सुख शांति के लिए हिन्द महासागर की बहुत महत्व रखने वाला है. भविष्य में हम, आज हम इंडियन ओसियन क्षेत्र में सहयोग के लिए हम एक नया आयाम लिख रहे हैं.’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी-एमैनुएल मैक्रों की वार्ता के बाद भारत और फ्रांस ने सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने वाले 14 समझौते किए. मोदी- मैक्रों की वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच गोपनीय सूचना की सुरक्षा पर भी समझौता हुआ. मैक्रों के साथ वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत और फ्रांस के बीच रक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत सहयोग है.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘वोल्टेयर, विक्टर ह्यूगो जैसे विचारकों ने भारत के बारे में लिखा और अपने नजदीक पाया है,भविष्य में इंडियन ओसन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है इसीलिए आज दोनों देश जॉइंट मिशन जारी कर रहे है, वाराणसी में आपको प्राचीन भारत की झलक मिलेगी.’

इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांस को बताया भारत का सबसे बेहतरीन साझेदार

पीएम मोदी ने कहा, ‘भविष्य में इंडियन ओसन क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है इसीलिए आज दोनों देश जॉइंट मिशन जारी कर रहे है. इसलिए, आज हमने दो महत्वपूर्ण समझौते किये हैं, एक समझौता एक दूसरे की शिक्षा योग्यताओं को मान्यता देने का है, और दूसरा हमारी migration and mobility partnership का है.’ उन्होंने कहा कि ये दोनों समझौते हमारे देशवासियों के, हमारे युवाओं के बीच क़रीबी संबंधों का framework तैयार करेंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हम मानते हैं कि हमारे द्विपक्षीय संबंधों के उज्जवल भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण आयाम है हमारे people-to-people संबंध. हम चाहते हैं कि हमारे युवा एक दूसरे के देश को जानें, एक दूसरे के देश को देखें, समझें, काम करें, ताकि हमारे संबंधों के लिए हज़ारों Ambassadors तैयार हों.’ उन्होंने कहा, ‘आज हमारी सेनाओं के बीच reciprocal logistics support के समझौते को मैं हमारे घनिष्ठ रक्षा सहयोग के इतिहास में एक स्वर्णिम क़दम मानता हूं.’

पीएम मोदी ने कहा कि कल (रविवार, 11 मार्च) Planet Earth के भविष्य की खातिर International Solar Alliance की Founding Conference की सह-अध्यक्षता राष्ट्रपति मेक्रों और मैं करेंगे. हम सभी International Solar Alliance की सफ़लता के लिए प्रतिबद्ध हैं.

पीएम ने कहा, ‘रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष और high technology में भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय सहयोग का इतिहास बहुत लम्बा है. दोनों देशों में द्विपक्षीय संबंधों के बारे में bipartisan सहमति है. सरकार किसी की भी हो, हमारे संबंधों का ग्राफ़ सिर्फ़ और सिर्फ़ ऊंचा ही जाता है.’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह संयोग मात्र नहीं है कि Liberty, Equality, Fraternity की गूंज फ्रांस में ही नहीं, भारत के संविधान में भी दर्ज हैं. हमारे दोनों देशों के समाज इन मूल्यों की नींव पर खड़े हैं. हम सिर्फ दो सशक्त स्वतंत्र देशों व दो विविधतापूर्ण लोकतंत्रों के ही नेता नहीं हैं, हम दो समृद्ध और समर्थ विरासतों के उत्तराधिकारी हैं. हमारी strategic partnership भले ही 20 साल पुरानी हो, हमारे देशों और हमारी सभ्यताओं की spiritual partnership सदियों लम्बी है.’

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