UN में भारत ने लगाई पाकिस्तान को लताड़, कहा- हमें अधिकार और लोकतंत्र का पाठ न पढ़ाएं

ई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र के ह्यूमन राइट्स काउंसिल (यूएनएचआरसी) के 37वें सेशन के दौरान भारत ने हाफिस सईद को पाकिस्तान में पनाह देने और उस पर कार्रवाई ना करने को लेकर निशाना साधा. इस दौरान भारत की ओर से पाकिस्तान को लताड़ते हुए कहा गया कि उन्हें ऐसे राष्ट्र से लोकतंत्र और मानवाधिकार के बारे में सीखने की जरूरत नहीं है, जो खुद एक असफल देश है. भारत की ओर से पाकिस्तान में हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों समेत अल्पसंख्यकों की जबरन शादी व धर्म परिवर्तन का मुद्दा भी उठाया गया.

पाकिस्तान दे रहा आतंकवाद को संरक्षण
भारत के स्थायी मिशन की सेकंड सेक्रटरी मिनी देवी कुमम ने संयुक्त राष्ट्र के ह्यूमन राइट्स काउंसिल के सामने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रेजॉलूशन 1267 का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तान सरकार यूएन द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए हाफिज सईद को संरक्षण दे रही है. सईद पाकिस्तान में खुलकर अपनी गतिविधियां कर रहा है. पाक में संयुक्त राष्ट्र के द्वारा बैन किए गए संगठनों को राजनीति की मुख्यधारा में लाने का काम जारी है. अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर ये संगठन पाकिस्तान में फंड इकट्ठा कर रहा है’. कुमम ने आगे कहा कि, ‘पाकिस्तान लगातार भारतीय सीमा पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है’.

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मुंबई, पठानकोट और उड़ी हमलों का जिक्र करते हुए कुमम ने कहा, ‘हम अभी तक पाकिस्तान सरकार की ओर से 2008 के मुंबई हमले और 2016 के उड़ी और पठानकोट हमले में शामिल में शामिल लोगों को सामने लाने और उन पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं’.

पाकिस्तान हमें न सिखाए
पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए मिनी देवी कुमम ने यूनएचआरसी में कहा कि, ‘पाकिस्तान हमें मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर लेक्चर देता है, जबकि उसके यहां खुद आतंकवादी खुलेआम घूमते हैं’. कुमम ने आगे कहा, ‘दुनिया को ऐसे देश से लोकतंत्र और अधिकारों पर पाठ की जरूरत नहीं जिसकी खुद की छवि एक असफल देश की है’.

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भारत की ओर से कुमम ने मांग की कि पाकिस्तान को अपने देश में अल्पसंख्यकों के जबरन धर्म परिवर्तन व को खत्म करना चाहिए. भारत ने सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सरकार से असहमति जताने वाले राजनीतिज्ञों व आम नागरिकों के गायब होने और हत्या किए जाने की भी आलोचना की. इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान सेना के जरिए पाकिस्तान और बलूचिस्तान में आम लोगों पर किए जा रहे अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया. कुमम ने कहा कि ‘ऐसे अत्याचार करने वालों पर पाकिस्तान सरकार को कड़ी कार्रवाई करते हुए सजा देनी चाहिए’.

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