त्रिपुरा: चारिलाम सीट के चुनाव से हटी CPM, बीजेपी बोली – वामपंथियों ने छोड़ा मैदान

अगरतला: मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की अगुवाई में वाम मोर्चा ने त्रिपुरा के चारीलाम विधानसभा क्षेत्र में होने वाले चुनाव के लिए चुनाव प्रचार बंद होने के आखिरी दिन शनिवार को अपना उम्मीदवार वापस ले लिया. सीपीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भारी आतंक के चलते जनजाति बहुल इस क्षेत्र की स्थिति काफी विकट है इसलिए उसने चुनाव से अपने उम्मीदवार को वापस लिया है.

गौरतलब है चारीलाम विधानसभा क्षेत्र से सीपीएम के उम्मीदवार का निधन हो जाने के कारण 18 फरवरी को यहां मतदान नहीं हो पाया था. यहां 12 फरवरी को मतदान होने जा रहा है. सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी की अगुवाई में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में चुनाव के नतीजे आने के बाद शनिवार को हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया.

वाम मोर्चा के संयोजक बिजन धर ने बताया, “चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद से अत्यंत आतंक पैदा होने से चारीलाम विधानसभा क्षेत्र की स्थिति काफी भयावह है.”

धर ने कहा, “सीपीएम उम्मीदवार को वहां का स्थायी निवासी होने के बावजूद निर्वाचन क्षेत्र से बाहर रहने पर मजबूर कर दिया गया. वह सुरक्षा कवर के बावजूद निर्वाचन क्षेत्र में घूमने- फिरने की स्थिति में नहीं हैं. ऐसी स्थिति में होने वाला कोई भी चुनाव एकतरफा कवायद के सिवा और कुछ नहीं होगा.”

धर ने बताया कि वाम दलों के नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग को और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को चारीलाम की स्थिति से आठ मार्च को अवगत कराया था. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सोमवार को चुनाव होना एक तमाशा ही होगा.

चरिलाम विधानसभा के सीपीएम प्रत्याशी मैदान छोड़कर भाग चुके है।अभी तो सिर्फ़ चरिलाम से इनका पलायन हुआ है, अगले 2 साल में वामपंथियों का पूरे त्रिपुरा से पलायन होगा और जेएनयू, बंगाल, केरल सह भारत कम्युनिस्ट मुक्त हो जायेगा।

उधर,अगरतला: मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की अगुवाई में वाम मोर्चा ने त्रिपुरा के चारीलाम विधानसभा क्षेत्र में होने वाले चुनाव के लिए चुनाव प्रचार बंद होने के आखिरी दिन शनिवार को अपना उम्मीदवार वापस ले लिया. सीपीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भारी आतंक के चलते जनजाति बहुल इस क्षेत्र की स्थिति काफी विकट है इसलिए उसने चुनाव से अपने उम्मीदवार को वापस लिया है.

गौरतलब है चारीलाम विधानसभा क्षेत्र से सीपीएम के उम्मीदवार का निधन हो जाने के कारण 18 फरवरी को यहां मतदान नहीं हो पाया था. यहां 12 फरवरी को मतदान होने जा रहा है. सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी की अगुवाई में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में चुनाव के नतीजे आने के बाद शनिवार को हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया.

वाम मोर्चा के संयोजक बिजन धर ने बताया, “चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद से अत्यंत आतंक पैदा होने से चारीलाम विधानसभा क्षेत्र की स्थिति काफी भयावह है.”

धर ने कहा, “सीपीएम उम्मीदवार को वहां का स्थायी निवासी होने के बावजूद निर्वाचन क्षेत्र से बाहर रहने पर मजबूर कर दिया गया. वह सुरक्षा कवर के बावजूद निर्वाचन क्षेत्र में घूमने- फिरने की स्थिति में नहीं हैं. ऐसी स्थिति में होने वाला कोई भी चुनाव एकतरफा कवायद के सिवा और कुछ नहीं होगा.”

धर ने बताया कि वाम दलों के नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग को और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को चारीलाम की स्थिति से आठ मार्च को अवगत कराया था. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सोमवार को चुनाव होना एक तमाशा ही होगा.

चरिलाम विधानसभा के सीपीएम प्रत्याशी मैदान छोड़कर भाग चुके है।अभी तो सिर्फ़ चरिलाम से इनका पलायन हुआ है, अगले 2 साल में वामपंथियों का पूरे त्रिपुरा से पलायन होगा और जेएनयू, बंगाल, केरल सह भारत कम्युनिस्ट मुक्त हो जायेगा।

उधर, त्रिपुरा बीजेपी प्रभारी सुनील देवधर ने सीपीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि चरिलाम विधानसभा के सीपीएम प्रत्याशी मैदान छोड़कर भाग चुके है. अभी तो सिर्फ़ चरिलाम से इनका पलायन हुआ है, अगले 2 साल में वामपंथियों का पूरे त्रिपुरा से पलायन होगा और जेएनयू, बंगाल, केरल सह भारत कम्युनिस्ट मुक्त हो जाएगा. बीजेपी प्रभारी सुनील देवधर ने सीपीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि चरिलाम विधानसभा के सीपीएम प्रत्याशी मैदान छोड़कर भाग चुके है. अभी तो सिर्फ़ चरिलाम से इनका पलायन हुआ है, अगले 2 साल में वामपंथियों का पूरे त्रिपुरा से पलायन होगा और जेएनयू, बंगाल, केरल सह भारत कम्युनिस्ट मुक्त हो जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help