रांची: जेल में RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ी, RIMS में भर्ती

रांची: आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को रिम्स में भर्ती कराया है. सीने में तकलीफ के चलते उन्हें रिम्स ले जाया गया है. लालू फिलहाल बिरसा मुंडा जेल में चारा घोटाले में सजा काट रहे हैं. सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 31 लोगों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में फैसला आना है.

कई दिनों से चल रही थी तबीयत खराब
जानकारी के मुताबिक, लालू यादव का स्वास्थ्य कई दिनों से ठीक नहीं चल रहा था. जेल में तैनात डॉक्टर उनका उपचार कर रहे थे. शनिवार को उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई, जिसके चलते उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया.

दुमका मामले में फैसला सोमवार को
लालू प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र समेत 31 लोगों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में सोमवार को फैसला सुनाएगी. लालू यादव और जगन्नाथ मिश्र तथा अन्य पहले से ही चारा घोटाला के तीन मामलों में दोषी ठहराये जाने के बाद से बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं.

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह का प्रशिक्षण कार्यक्रम होने के चलते अदालत में न्यायिक कार्य नहीं हो सके और इसी कारण चारा घोटाला के दुमका कोषागार से जुड़े लालू, जगन्नाथ मिश्रा एवं 29 अन्य के मामले में जो फैसला आना था वह अब सोमवार को आएगा.

शुक्रवार को अदालत ने बिहार के तत्कालीन महालेखा परीक्षक समेत महालेखाकार कार्यालय के तीन अधिकारियों के खिलाफ इसी मामले में मुकदमा चलाए जाने की लालू प्रसाद की याचिका स्वीकार करते हुए तीनों को समन जारी करने का निर्देश दिया. चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में 3 करोड़, 13 लाख रुपये का गबन हुआ था. सीबीआई की विशेष अदालत ने दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में अपना फैसला पांच मार्च को सुरक्षित कर लिया था.

इससे पहले सीबीआई अदालत ने पहले लालू की उस नई याचिका पर फैसला सुनाया जिसमें उनके वकील आनंद ने चारा घोटाले के इस मामले में बिहार के तत्कालीन महालेखा परीक्षक, उपमहालेखा परीक्षक तथा महालेखाकार कार्यालय के निदेशक पर संलिप्तता का मुकदमा चलाने की मांग की थी. अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत लालू ने इन तीनों को भी नोटिस जारी कर इस मामले में सह अभियुक्त बनाने का अनुरोध किया था.

लालू प्रसाद ने अपने वकील के माध्यम से पूछा था कि अगर इतना बड़ा घोटाला बिहार में हुआ तो उस दौरान 1991 से 1995 के बीच बिहार के महालेखाकार कार्यालय के अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? यह याचिका बुधवार को ही दायर की गई थी.

चाईबासा में हो चुकी है सजा
इससे पहले इसी वर्ष 24 जनवरी को लालू प्रसाद एवं जगन्नाथ मिश्र को सीबीआई की विशेष अदालत ने चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये का गबन करने के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास एवं क्रमशः 10 लाख एवं 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के चाईबासा मामले में कुल 50 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी.

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