मुझे नहीं लगता कि डोकलाम जैसा गतिरोध दोबारा कायम होगा: निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली : रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि वह नहीं मानती हैं कि चीन के साथ डोकलाम के मुद्दे पर हुआ गतिरोध दोबारा कायम होगा. एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि भारत ने विभिन्न स्तरों पर चीन से संवाद की प्रक्रिया स्थापित की है.

‘डोकलाम-2 के बारे में नहीं सोच रही’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं निश्चित तौर पर कहती हूं कि मैं डोकलाम-2 के बारे में नहीं सोच रही. लेकिन विभिन्न स्तरों पर संवाद जारी है.’’ सीतारमण ने कहा, ‘‘आपकी स्थापित प्रक्रियाएं हैं. एक स्थायी प्रतिनिधि हैं जिन्होंने करीब 20 अलग-अलग बैठकें की हैं. फिर सीमा पर तैनात जवानों की भी बैठक होती है, फ्लैग अफसरों की बैठक होती है. यह सब होता है और हाल में थलसेना प्रमुख ने भी कहा है कि हमने वार्ता बहाल की है. हम विभिन्न स्तरों पर लगातार संवाद कर रहे हैं.’’

पिछले साल डोकलाम में भारत और चीन की थलसेना के बीच 73 दिनों तक गतिरोध बना रहा था. दोनों देशों के बीच जटिल वार्ता प्रक्रिया के बाद अगस्त में गतिरोध खत्म हुआ था. रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि विभिन्न स्तरों पर संवाद के बावजूद थ्लसेना को हर पल चौकस रहने की जरूरत है.

डोकलाम, आसपास कोई नयी घटना नहीं हुई : सरकार
इससे पहले गुरुवार (15 मार्च) को सरकार ने कहा था कि डोकलाम क्षेत्र से 28 अगस्त 2017 को भारतीय और चीनी सैनिकों को हटाए जाने के बाद से तनातनी वाले स्थान और इसके आसपास कोई नई घटनाएं नहीं हुई हैं और इस क्षेत्र में यथास्थिति बनी हुई है. विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह ने राज्यसभा को चौधरी सुखराम सिंह यादव, छाया वर्मा और विशम्भर प्रसाद निषाद के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी थी.

उन्होंने बताया कि चीन भारत और चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा को विवादित मानता है. पूर्वी क्षेत्र में चीन, अरूणाचल प्रदेश राज्य में करीब 90,999 वर्ग किमी के भारतीय भूभाग पर अपना दावा करता है. सिंह ने बताया कि चीनी पक्ष को उच्चतम स्तर तथा विभिन्न अवसरों पर स्पष्ट रूप से यह तथ्य वे अवगत करा दिया गया है कि अरूणाचल प्रदेश भारत का एक अविभाज्य एवं अभिन्न अंग है.

विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा जरूरतों के प्रति पूरी तरह सजग है ओर अपनी सीमा पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और उनका जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने संजय राउत के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि भूटान के डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन सीमा सैनिकों के बीच तलातनी तब शुरू हुई जब चीनी पक्ष ने भूटान और भारत दोनों के साथ अपनी वर्तमान समझ का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र में एक सड़क निर्माण कर यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया था.

सिंह ने बताया कि सतत राजनयिक संपर्कों के आधार पर 28 अगस्त 2017 को डोकलाम क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिकों को हटा लिया गया. इससे क्षेत्र में चीन के सड़क निर्माण के संबंध में भारत की चिंताओं का समाधान हो गया है.

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