पनवेल के मतदारों के साथ भाजपा का खिलवाड़

पनवेल महानगरपालिका के चुनाव में पनवेलकरों ने भाजपा को विश्‍वास दिलाकर सत्ता दी । लेकिन आज भ्रष्टाचार करने के लिए आयुक्‍त सुधाकर शिंदे के तबादले के लिए मैदान में उतरी भारतीय जनता पार्टी का पनवेल के मतदारोंके साथ खिलवाड शुरु है, ऐसे शब्दों मे शेतकरी कामगार पक्ष की पनवेल महानगरपालिका जिल्हा उपाध्यक्ष अमिता चौहान ने इस  बात का निषेध किया । आयुक्‍त सुधाकर शिंदे के तबादले को रोकने के लिए पनवेल मे कुछ नागरिक 21 मार्च को एक साथ आकर शिंदे के लिए ‘विश्‍वासदर्शक ठराव’करने वाली है । इसी कार्यक्रम के नियोजन के लिए तथास्तू सभागृह में मिटींग हुई । उधर कुछ भाजपा के पदाधिकारीयों ने घुसकर हंगामा किया । इस घटना के बाद सभी पनवेल की जनता भाजपा पर नाराज है । अमिता चौहान ने एक तीखी प्रक्रिया दी कि आयुक्त 18 महीने से पनवेल में है और जो आज सत्ता में है वह दस पहले भी सत्ता में थे दस साल बहुत होते है किसी शहर के विकास के लिए अगर विकास किया होता तो आज चुनाव में वोटर्स को पैकेट्स बॉटने के ज़रूरत नही होती।

पनवेल महानगर पालिका चुनाव की घोषणा होते ही एक मंत्री का रिश्तेदार होने और चुनाव को प्रभावित करने का हवाला देकर उन्हें उल्हासनगर में शिफ्ट कर दिया गया था  । और वहां के आयुक्त राजेन्द्र निंबालकर को पनवेल में नियुक्त कर दिया गया। चुनाव खत्म होते ही सुधाकर शिंदे पीसीएमसी में दुबारा पुनर्नियुक्त कर दिए गए। जबसे वे लौटे हैं तब से पनवेल मनपा क्षेत्र के अतिक्रमण और अवैध निर्माणों को बिना डरे ध्वस्त करने में जुटे हैं । इससे नगरसेवकों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। आयुक्‍त सच्चाई के साथ खडे होते है इसलिए उन्हे कुछ दिन पहले धमकी भी आयी थी, ऐसा अमिता चौहान ने बोलकर शेतकरी कामगार पक्ष सदैव आयुक्‍त सुधाकर शिंदे के साथ खडा रहेगा ऐसा विश्‍वास जताया।

 

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