सरिस्का बाघ अभयारण्य में तारों में उलझा बाघ, अधिकारी कराएंगे पोस्टमार्टम

जयपुर/अलवर : राजस्थान के अलवर स्थित सरिस्का बाघ अभयारण्य में तारों में उलझने से एक नर बाघ एसटी 11 की मौत हो गई. सरिस्का के क्षेत्र निदेशक गोविंद एस भारद्वाज की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक सरिस्का के इंदोक के पास एस टी 11 नामक नर बाघ की तारों में उलझने से मौत हो गई. उन्होंने बताया कि बाघ की उम्र 4 साल थी.

नीलगायों से फसल को बचाने के लिए लगाई गई थी तार
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक एक खेत को नीलगायों से फसल को बचाने के लिए लगाए गए तार में एसटी 11 फंस गया. तारों में फंस जाने के बाद बाघ भागाने की कोशिश करने लगा, लेकिन तार बाघ के गले में फंस गया और उसकी मौत हो गई. वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि ग्रामीणों ने बाघ को जहर देकर मारा और फिर तार में फंसाकर छोड़ दिया.

जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन
बाघ की मौत कैसे हुई इसकी पुष्टि करने के लिए मंगलवार को वन विभाग के अधिकारियों द्वारा उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. अधिकारियों ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि अगर बाघ का गला कांटे में फंसा होगा तो वह दर्द के कारण खूब दहाड़ा होगा, लेकिन सवाल यह है कि किसी ने उसकी दहाड़ क्यों नहीं सुनी. ऐसे में बाघ का मेडिकल कराना आवश्यक हो गया है ताकि जहर देने या फिर कांटे लगने से मौत की पुष्टि हो सके.

गौरतलब है कि सरिस्का टाइगर प्रोजेक्ट है और बाघों के संरक्षण को लेकर चलाये जा रहे इस प्रोजेक्ट में दिनों-दिन बाघों की संख्या घटती ही जा रही है. फरवरी महीने में भी यहां से कई सारे बाघ गायब हो चुके हैं, जिनको तलाशने का काम किया जा रहा है. हालांकि अब तक प्रशासन के हाथों कुछ नहीं लगा है.

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