सस्ते में आशियाना खरीदने का मौका, 4 लाख 40 हजार फ्लैट पड़े हैं खाली

नई दिल्ली/ गौरव खोसला : आशियाना बनाने की सोच रहे हैं तो इससे बढ़िया समय नहीं हो सकता. दरअसल ये हम नहीं कह रहे बल्कि JLL की रिपोर्ट कह रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में देश के 7 बड़े शहरों में 4 लाख 40 हजार फ्लैट नहीं बिक पाए… और इसमें सबसे पहला नंबर दिल्ली-एनसीआर का रहा जहां करीब डेढ़ लाख फ्लैट खाली रह गए जबकि Liasas Foras ने एरिया के हिसाब से पूरी जानकारी दी है. जानकार कह रहे हैं सवाल ये कि क्या ये बिना बिके मकानों की संख्या होम बायर्स के लिए वरदान बनकर आई है. JLL और क्या बिल्डर्स से मोल-भाव कर के कम रेट पर अच्छी प्रॉपर्टी ली जा सकती है. प्रोजेक्ट पर बिल्डर्स ने जो लोन लिया है, उस पर ब्याज दिया जा रहा है और ऐसे में उन पर जल्द से जल्द इंवेटरी खत्म करने का दबाव है ताकि लोन चुकाया जा सके. आगे पढ़िए किस शहर के किन इलाकों में सबसे ज्यादा बिना बिके मकानों की संख्या है और होम बायर्स के लिए क्या ऑप्शन बन रहे हैं.

नोएडा-ग्रेटर नोएडा और एक्सप्रेसवे में ऑप्शन
नोएडा के सेक्टर 70, 73, 79, 117 और 121 में 11,844 बिना बिके मकानों की संख्या है और इसका रेट करीब 4,900-5,000 रुपये प्रति Sqft है. नोएडा एक्सप्रेस- वे में 12,063 मकान खाली हैं और रेट क़रीब 5,500-6,000 रुपये प्रति Sqft है. ग्रेटर नोएडा में भी बिल्डर्स पर बिना बिके मकानों की संख्या का बोझ बढ़ा है. परी चौक के आसपास इलाकों में फिलहाल 13,525 यूनिट खाली हैं और करीब 3,900-4,000 रुपये प्रति Sqft का रेट है. बात करें ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तो फिलहाल यहां पर 58,693 फ्लैट्स की डिलीवरी होनी है और 3,300-3,500 रुपये प्रति Sqft का रेट है. इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे का रेट 3,100-3,200 रुपये प्रति Sqft है और करीब 16,725 मकान बायर्स का इंतजार कर रहे हैं.

गाजियाबाद में ऑप्शन
गाजियाबाद ये एनसीआर का वो हिस्सा जहां काफी तेज़ी से ग्रोथ हुई है और रेट्स भी काफी कम हैं. बेहतर होती कनेक्टिविटी, सस्ते रेट्स में आशियाना और अफोर्डेबल हाउसिंग की मांग बढ़ने से इस इलाके ने काफी तेज़ी से दम भरा है. इस इलाके की सबसे बड़ी खासियत ये है कि जल्द ही मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ेगी. मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते आज भी यहां पर बिना बिके मकानों की संख्या बढ़ी है और बिल्डर्स ने रेट्स कम कर के बिक्री को बढ़ाने की कोशिश की है. राजनगर एक्सटेंशन की बात करें तो फिलहाल यहां पर 2,500-2,600 रुपये प्रति Sqft में प्रॉपर्टी मिल रही है और बिना बिके मकानों की संख्या 15,324 युनिट्स हैं. वहीं NH24 में 17,529 युनिट्स खाली पड़े हैं और रेट क़रीब 3,300-3,400 रुपये प्रति Sqft है.

गुरुग्राम में ऑप्शन
बात करें गुरुग्राम की तो ये वो इलाका है जहां जमीन के रेट आसमान तक पहुंच गए हैं और इसका सबसे बड़ा कारण रहा है मल्टी नेशनल कंपनियों का जमावड़ा. बेशक गुरुग्राम में रेजिडेंशियल सेक्टर का विस्तार काफी तेजी से हुआ है लेकिन साथ-साथ बिना बिके मकानों की संख्या भी बढ़ी है. गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे में फिलहाल 6,325 यूनिट खाली हैं और रेट क़रीब 6,900-7,000 रुपये प्रति Sqft है. वहीं सोहना रोड और एसपीआर में रेट 6,800-6,900 रुपये प्रति Sqft है और क़रीब 9,560 यूनिट खाली हैं. बात करें न्यू गुरुग्राम की तो यहां पर बिना बिके मकानों की संख्या 11,825 हैं और रेट करीब 6,200-6,300 रुपये प्रति Sqft है.

मुंबई में कहां खरीदें घर
एनसीआर के बाद बात करते हैं मायानगरी मुंबई की. कहते हैं कि मुंबई में सपनों का आशियाना बन जाए तो काफी हद तक मुश्किलों का हल हो जाता है. मुंबई जो करोड़ो लोंगो को रोज़गार देती है और जहां पूरा साल रियल एस्टेट सेक्टर की मांग बनी रहती है. लेकिन अब हालात ये बन चुके हैं कि पिछले कुछ सालों से आई मंदी ने मुंबई के रियल एस्टेट सेक्टर के सेंटीमेंट्स को भी ख़राब किया है. मुंबई में बिल्डर्स ने प्रोजेक्ट्स तो लॉन्च किए लेकिन डिलीवरी नहीं दी गई. हालांकि महाराष्ट्र में जिस तरह RERA लागू किया गया, काफी हद तक धोखेबाज़ बिल्डर्स पर नकेल कसी जा रही है. मुंबई के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां पर बिल्डर्स की काफी Unsold Inventory पड़ी है. बात करें मुंबई के वेस्टर्न सबर्ब के इलाके की तो यहां पर 88,633 मकान खाली पड़े हैं जिसका रेट करीब 5,400-5,500 रुपये प्रति Sqft है. वहीं ठाणे की बात करें तो यहां पर अनसोल्ड Inventory का आंकड़ां 28,290 यूनिट हैं जबकि कीमत 9,600-9,700 रुपये प्रति Sqft है. बात करें सेंट्रल सबर्ब की तो यहां पर रेट करीब 13,200-13,400 रुपये प्रति Sqft है और बिना बिके मकानों की संख्या 40,631 यूनिट खाली पड़े हैं.

अहमदाबाद में खरीदें घर
बेशक पूरा देश रियल एस्टेट मंदी से जूझ रहा हो लेकिन लेकिन अहमदाबाद इकलौता ऐसा शहर रहा है जहां 2017 में भी प्रॉपर्टी की क़ीमतें कम नहीं हुई हैं. हालांकि, बिना बिके मकानों की संख्या तो है लेकिन बावजूद इसके बिल्डर्स ने दाम नहीं घटाए और इसकी वजह रही फ्लैट्स की मांग का बना रहना. अहमदाबाद में जोन 1 की बात करें तो फिलहाल यहां पर बिना बिके मकानों की संख्या 10,673 युनिट्स हैं और रेट करीब 3,700-3,800 रुपये प्रति Sqft है. बात करें Zone 4 की तो अभी रेट 2,300-2,400 रुपये प्रति Sqft है जबकि बिना बिके मकानों की संख्या 29,219 युनिट्स हैं.

नागपुर में कहां खरीदें घर
नागपुर जिसे जीरो माइल के नाम से जाना जाता है और भारत के मध्य में होने की वजह से ये देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह से कनेक्टिड है. नागपुर की फिलहाल की आबादी करीब 25 लाख है. सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर आज यहां हर वो जम़ीनी सुविधाएं यहां पर मौजूद हैं जिसकी वजह से बड़े प्लेयर्स ने अपना निवेश बढ़ाने की बात कही है. NH 6 और NH 7 से बेहतर कनेक्टिविटी होने की वजह से यहां बड़े बिल्डर्स ने प्रोजेक्ट्स तैयार कर रियल एस्टेट इंडस्ट्री को मज़बूत करने की कोशिश की है लेकिन रियल एस्टेट में आई मंदी से नागपुर भी अछूता नहीं रहा है. यहां पर कुछ इलाके ऐसे हैं जहां पर होम बायर्स के लिए काफी ऑप्शन बन रहे हैं. बात करें वर्धा रोड की तो यहां पर अभी रेट 3,200-3,300 रुपये प्रति Sqft है जबकि बिना बिके मकानों की संख्या 6,105 युनिट्स हैं. वहीं हनुमान नगर में 3,100-3,200 रुपये प्रति Sqft का रेट है और 1,844 मकान खाली पड़े हैं.

दिल्ली-एनसीआर हो या देश के बाकी बड़े शहर—बिल्डर्स की परेशानियां तो बढ़ी हैं लेकिन बायर्स काफी पॉवरफुल हुए हैं. RERA ने भी डिलिवरी के लिए बिल्डर्स पर काफी प्रेशर बनाया है और अब उम्मीद है कि जल्द ही इस मार्केट में बिना बिके मकानों की संख्या कम होगी लेकिन एंड यूजर्स बारगेनिंग करने का सबसे सही समय है.

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