काबुल में ‘नवरोज’ के जश्न के बीच ISIS के हमले में 33 की मौत, संयुक्त राष्ट्र ने जताया शोक

काबुल: अफगानिस्तान में पारसियों के नव वर्ष के जश्न के बीच शिया मस्जिद की ओर जाने वाली एक सड़क पर 21 मार्च को हुए इस्लामिक स्टेट के आत्मघाती हमले में कम से कम 33 लोग मारे गए हैं. जन स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता वाहिद माजरो ने बताया कि पैदल आए एक आत्मघाती हमलावर के इस हमले में 65 लोग घायल भी हुए हैं. जिहादी वेबसाइटों पर नजर रखने वाले एसआईटीई खुफिया समूह के मुताबिक, इस्लामिक स्टेट समूह ने ऑनलाइन जारी बयान में हमले की जिम्मेदारी ली है. आईएस ने दावा किया कि हमले का लक्ष्य ‘नवरोज का जश्न मनाने आए शियाओं’ को निशाना बनाना था.’ अफगानिस्तान में पारसी नव वर्ष ‘नवरोज’ पर राष्ट्रीय अवकाश होता है और देश के अल्पसंख्यक शिया आमतौर पर जश्न मनाने मस्जिद जाते हैं. आईएस के सुन्नी अतिवादी बार-बार शियाओं को निशाना बनाते हैं.

साखी मस्जिद से करीब एक किमी दूर हुआ हमला
काबुल के पुलिस प्रमुख जनरल दाउद अमीन ने कहा कि यह हमला साखी मस्जिद से करीब एक किलोमीटर दूर काबुल विश्वविद्यालय और एक सरकारी अस्पताल के नजदीक हुआ, जहां पारंपरिक पारसी नववर्ष नवरोज के अवसर पर बड़ी संख्या में अफगान नागरिक एकत्र हुये थे. दाउद ने बताया कि हमलावर सड़क पर स्थित पुलिस जांच चौकी से बच निकलने में सफल रहा. उन्होंने बताया कि सुरक्षा चूक की जांच की जा रही है और अगर कोई अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतता हुआ पाया गया तो उसे सजा दी जाएगी.

संयुक्त राष्ट्र ने की निंदा
खबर के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र ने काबुल में हुए इस हमले की निंदा की है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ऐसे ‘‘निंदनीय’’ कार्यों का षड्यंत्र करने वालों और उन्हें क्रियान्वित करने वालों को जवाबदेह ठहराने की जरूरत को रेखांकित किया है. प्रवक्ता के माध्यम से जारी बयान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जतायी और घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की. हिंसा की पृष्ठभूमि में गुतारेस ने अफगानिस्तान की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता जतायी.

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