लालू के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन की तिहाड़ में हुई बुरी हालत, कहा- ‘नहीं मिलता पेट भर खाना, सीलनभरी कोठरी में रखा’

नई दिल्‍ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवादास्पद राजद नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की याचिका पर सीबीआई और आप सरकार से बुधवार को जवाब मांगा. उन्होंने याचिका में आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले साल फरवरी से कानून के खिलाफ और बिना किसी अदालती आदेश के यहां तिहाड़ जेल में एकांत कारावास में रखा गया है.

अंडा और दूध से भी वंचित किया गया- शहाबुद्दीन
शहाबुद्दीन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है है कि उन्हें तिहाड़ जेल कैंटीन की सुविधा और विशेष तौर पर अंडा और दूध से भी वंचित किया गया है. हालांकि, जेल में रखे जाने के दौरान डॉक्टर ने इन चीजों को खाने को कहा था. याचिका में कहा गया है, ‘इस तरह आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित किए जाने से याचिकाकर्ता के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा है. तिहाड़ लाए जाने के बाद से उनका वजन 15 किलोग्राम घटा है. ऐसा उन्हें दिए जाने वाले अस्वास्थ्यकर आहार की वजह से हुआ है’. याचिका में कहा गया है कि यह कार्रवाई साफ तौर पर स्थापित करती है कि अधिकारी उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित करने का प्रयास कर रहे हैं.

सीवान जेल से तिहाड़ जेल किया गया है स्थानांतरित
शीर्ष अदालत ने पिछले साल 15 फरवरी को शहाबुद्दीन को बिहार में सीवान जेल से यहां तिहाड़ जेल स्थानांतरित करने का आदेश दिया था. उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद शहाबुद्दीन को 19 फरवरी 2017 को तिहाड़ जेल स्थानांतरित कर दिया गया था.

फिलहाल तिहाड़ की जेल संख्या दो में बंद हैं शहाबुद्दीन
राजद के बाहुबली नेता ने अपनी याचिका में न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति पी एस तेजी की पीठ से अधिकारियों को यह निर्देश देने को कहा कि शहाबुद्दीन को उच्च न्यायालय के सामने पेश किया जाए. शहाबुद्दीन फिलहाल तिहाड़ की जेल संख्या दो में रखे गए हैं. याचिका में उनकी सुरक्षा के लिए उपयुक्त आदेश की भी मांग की गई है.

‘अंधकारमय और सीलनभरी’ एकांत कोठरी में रखा गया है- शहाबुद्दीन
याचिका में किए गए दावों पर गौर करते हुए पीठ ने अधिकारियों को राजद नेता की अर्जी पर 27 अप्रैल तक जवाब देने को कहा. शहाबुद्दीन ने अपनी याचिका में खुद को तत्काल ‘एकांत कारावास’ से हटाने की मांग की है. शहाबुद्दीन की तरफ से याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता रूद्रो चटर्जी ने कहा कि उनके मुवक्किल को तिहाड़ जेल के कड़ी सुरक्षा वाले वार्ड में ‘अंधकारमय और सीलनभरी’ एकांत कोठरी में रखा गया है, जहांठीक से हवा और रोशनी भी नहीं आती है.

शहाबुद्दीन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उन्हें बिना अदालत के आदेश के एकांत कारावास में रखा गया है. उन्होंने कहा, ‘उन्हें पहले ही एक बार में एक साल से अधिक समय के लिए एकांत कारावास में रखा गया है, जिसकी कानून के अनुसार भी स्वीकृति नहीं हो सकती है’.

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