58 हजार करोड़ गंवा चुके Facebook के मामले में क्‍यों भिड़ी हुई हैं BJP और कांग्रेस?

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक विवादों में घिर गई है. इसके पांच करोड़ यूजर्स की जानकारियां लीक हो गई हैं. फेसबुक के संस्‍थापक मार्क जुकरबर्ग ने भी इस मामले में गलती मानते हुए कहा है कि यूजर्स के डाटा की सुरक्षा करना हमारी जिम्‍मेदारी है लेकिन इस तरह की चूक हुई है. दरअसल कहा जा रहा है कि ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी ने इस जानकारी को या तो चुराया या फेसबुक से खरीदा. इस मामले की जांच हो रही है. कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी इलेक्‍शन कंसल्‍टेंसी फर्म है. यह चुनावी अभियान के लिए संभावित वोटरों का प्रोफाइल तैयार करती है.

कहा जा रहा है कि 2016 के अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव में फेसबुक से मिले इस डाटा का इस्‍तेमाल कर उसने सोशल मीडिया में डोनाल्‍ड ट्रंप के पक्ष में माहौल बनाया. भारत में भी बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर इसकी सेवाएं लेने का आरोप लगा रही हैं. इस बीच पिछले एक हफ्ते में डाटा लीक होने की घटना सार्वजनिक होने के बाद फेसबुक को 58 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. इन सबके चलते फेसबुक की साख पर संकट मंडरा रहा है.

ऐसे लगाई गई सेंध
कैंब्रिज एनालिटिका ने एक ऐप के जरिये फेसबुक यूजर्स की जानकारियों में सेंध लगाई गई. दरअसल कहा जा रहा है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनावों से पहले वोटरों का रुझान जानने के लिए बड़े पैमाने पर डाटा की जरूरत थी. लिहाजा इस डाटा को हासिल करने के लिए thisisyourdigitallife ऐप बनाया गया. इसके बारे में कैंब्रिज एनालिटिका ने कहा कि यह लोगों की पर्सनालिटी का आकलन करने के लिए है. लिहाजा 100 सवालों पर आधारित एक क्विज तैयार किया गया. यूजर को बताया गया कि शैक्षिक अध्‍ययन के लिए इसका इस्‍तेमाल किया जाएगा. इस क्विज में शामिल होने वाले लोगों ने प्रोफाइल डाटा और फ्रेंड लिस्‍ट तक की जानकारी दे दी. तकरीबन पौने तीख लाख यूजर्स ने क्विज में हिस्‍सा लिया. इसकी बदौलत करीब पांच करोड़ लोगों के डाटा चुरा लिए गए. इनमें से अधिकांश अमेरिकी लोग थे.

दरअसल इस तरह के क्विज में ऐसे सवाल पूछे गए थे जिससे कि यूजर की पसंद-नापसंद समेत उनकी मानसिकता का आकलन किया जा सके. उसके बाद इसका विश्‍लेषण कर 2016 में अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव से पहले डोनाल्‍ड ट्रंप के चुनाव अभियान से जुड़े लोगों को बेच दिया गया.

फेसबुक की चूक
कहा जा रहा है कि 2015 में इस डाटा को चुराया गया. 2016 अमेरिकी चुनाव और ब्रेक्जिट जनमत संग्रह में इसका इस्‍तेमाल किया गया. इस तरह की रिपोर्टें आने के बावजूद फेसबुक ने लगातार इस तरह की घटना से इनकार किया. लेकिन अब कैंब्रिज एनालिटिका के एक पूर्व कमर्चारी ने व्हिसिल ब्‍लोअर की भूमिका में आने के बाद फेसबुक ने पहली बार माना है कि उसके डाटा चुराए गए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help