इराक नरसंहार में मारे गए भारतीय नागरिकों के परिजन दिल्ली में देंगे धरना

नई दिल्ली : इराक में मारे गए बेगुनाह भारतीय नागरिकों के परिवार के सदस्य शनिवार (24 मार्च) को दिल्ली में इंसाफ गुहार लगाएंगे. नागरिकों की मौत की खबर मिलने के बाद से ही इन सबके घर पर शौक का माहौल है. शुक्रवार को केंद्र सरकार पर परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि लापता युवकों के बारे में उन्हें धोखे में रखा गया. कुछ परिवार वालों ने कहा कि केंद्र सरकार को जब युवकों की मौत के बारे में पता चल गया था तो उन्होंने 4 साल पहले क्यों नहीं बताया.

12 बार कर चुके हैं विदेश मंत्री से मुलाकात
मीडिया से बातचीत के दौरान मृतक के परिजनों ने कहा कि इतने सालों में वह सभी 12 बार केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि हर मुलाकात में सुषमा ने उन्हें युवकों को वतन वापस लाने और ठीक होने का आश्वासन दिया था. परिजनों का आरोप है कि विदेश मंत्री ने उन्हें हर बार कहा कि युवकों को आतंकी संगठनों से छुड़ाने की कोशिश की जा रही है. मारे गए 39 भारतीयों में शामिल मंजिंदर सिंह की बहन गुरपिंदर कौर ने कहा, ‘पिछले 4 साल से विदेश मंत्रालय हमें कह रहा था कि वह जिंदा है, मुझे नहीं पता कि अब किस पर विश्वास किया जाए. मैं विदेश मंत्री से बात करने का इंतजार कर रही हूं. हमें कोई जानकारी नहीं दी गई, हमें संसद में दिए गए उनके बयान से पता चला’

शुक्रवार को सभी परिजनों की मुलाकात के बाद एक आठ सदस्यीय कमेट की गठन किया गया है. कमेटी ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा है कि अगर वह मृतक के परिवार वालों से हमदर्दी रखती है तो पहले उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए. कमेटी ने कहा कि इराक नरसंहार में मारे गए भारतीय नागरिकों के शवों को स्वदेश लाने से पहले उनके बच्चों को सरकारी नौकरी दी जाए.

मांग पूरी होने तक नहीं जलाए जाएंगे शरीर
कमेटी ने कहा कि अगर नरसंहार में मारे गए भारतीयों को शव स्वदेश आ भी जाते हैं तो उनका पार्थिक शरीर को जलाया नहीं जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help