झारखंड : जल संकट दूर करने में जुटी सरकार, महिलाओं को दी जा रही है चापाकल ठीक करने की ट्रेनिंग

गर्मी में लोगों को पानी की परेशानी न हो इसके लिए सरकार हर संभव कोशिश में लगी है. लातेहार में सरकारी अधिकारियों ने चापाकल दुरुस्त करने निर्देश दिए हैं. साथ ही महिलाओं को भी ट्रेनिंग दी जा रही है. जिसके वो खराब पड़े चापाकल को ठीक कर सकें और जलसंकट का डटकर मुकाबला कर सकें.

जलसंकट से मुकाबला करने के लिए सरकारी अधिकारी गांव-गांव का दौरा कर रहे हैं और लोगों को इससे बचने का उपाय बता रहे हैं. लातेहार के सरयू गांव में पेयजल स्वच्छता विभाग की सचिव पहुंची जहां उनका परंपरागत तरीके से स्वागत हुआ. उन्होंने जलसंकट को समाप्त करे के लिए अधिकारियों को कई निर्देश दिए साथ ही महिलाओं को खराब चापाकल को ठीक करने की ट्रेनिंग भी दिलवाई. जिससे चापाकल खराब होने पर उन्हें दूसरे लोगों पर आश्रित नहीं होना पड़ेगा.

राज्य के 18 जिलों में 10 साल के अंदर 4 मीटर तक जलस्तर नीचे गया है. जिसमें लातेहार भी शामिल है. लातेहार में साल 2002 में 6.35 मीटर जलस्तर था. जो अब बढ़कर 9.08 मीटर हो गया है. सरकार अब गांव-गांव में जल संकट को दूर करने के लिए प्रयास कर रही है और जो अधिकारी लापरवाह पाए जाएंगे उन पर कार्रवाई होगी.

झारखंड में जलसंकट का मुख्य कारण पर्यावरण को हुआ नुकसान है. लेकिन जबसे झारखंड में रघुवर दास की सरकार बनी है. तब से पेड़ लगाने और पर्यावरण बचाने की मुहिम तेज हुई है. प्रदेश में हरियाली बढ़ी है. और उम्मीद है कि सरकार के प्रयास और जनता की जागरुकता से जलसंकट को नियंत्रित करने में सफलता मिलेगी.

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