विश्वविद्यालय में किसी को भी ‘राष्ट्र विरोधी’ बताकर चुप नहीं कराया जाना चाहिए: रघुराम राजन

नई दिल्ली : देश के तमाम बड़े विश्व विद्यालयों में लगने वाले देश विरोधी नारों और छात्रों को राष्ट्रविरोधी कहे जाने के मामले में रघुराम राजन ने चुप्पी तोड़ी है. आरबीआई के पूर्व अध्यक्ष रघुराम राजन ने कहा, हमें विश्व विद्यालय ऐसे सुरक्षित स्थानों में से एक होने चाहिए जहां पर अन्य मुद्दों पर बहस और चर्चाएं चलती रहीं. राजन ने कहा कि बहस और चर्चाओं के दौरान किसी भी छात्र को राष्ट्र विरोधी बताकर चुप नहीं कराया जाना चाहिए.

हर विचार को किया जाए प्रोत्साहित
राजन ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमें विश्वविद्लायों को ऐसे स्थान के रूप में रूप में विकसित करने की आवश्यकता है जहां पर हर तरह की विचार धारा को प्रोत्साहित किया जा सके. राजन ने कहा, ‘हमें विश्वविद्यालयों का ऐसे स्थान के रूप में सम्मान करना चाहिए जहां विचारों पर चर्चा होती हो और जहां आप अन्य पक्ष को यह कहकर चुप नहीं कराते हों कि आपको इस तरह बोलने का अधिकार नहीं है या आप राष्ट्र विरोधी हो.’

जेएनयू में लग रहे है देश विरोधी नारे
गौरतलब है कि दिल्ली के जेएनयू कैंपस में पिछले दिनों देश विरोधी नारे लगे थे. जेएनयू समेत देश की कई ऐसे विश्व विद्यालय हैं जहां पर इस तरह के घटनाक्रम देखने को मिल चुके हैं.

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