रूसी जासूस ने कई वर्ष पहले पुतिन को पत्र लिख माफी मांगी थी : रिपोर्ट

लंदनः रूस के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रिपल ने कई वर्ष पहले राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन को पत्र लिखा था और ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों को गोपनीय जानकारियां बेचने के लिए उनसे माफी मांगी थी. पूर्व जासूस के एक दोस्त ने आज बीबीसी को यह जानकारी दी. स्क्रिपल को हाल ही में ब्रिटेन में जहर दिया गया था. ब्लादिमीर तिमोश्कोव ने बताया कि वर्ष 2010 में ब्रिटेन गए उनके स्कूल के दिनों के दोस्त स्क्रिपल ने उनसे वर्ष 2012 में बात की थी और उन्हें बताया था कि वह चाहते हैं कि उन्हें रूस जाने की इजाजत मिल जाए.

हालांकि मास्को ने इस दावे को खारिज किया. लंदन स्थित दूतावास ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘ सर्गेई स्क्रिपल की ओर से राष्ट्रपति पुतिन को ऐसा कोई पत्र नहीं मिला जिसमें उसने रूस वापसी की इजाजत मांगी हो.’’ तिमोश्कोव ने कहा,‘‘ 2012 में उसने मुझे फोन किया, हमारे बीच करीब आधा घंटा बात हुई. उसने फोन लंदन से किया था. उसने देशद्रोही होने से इनकार किया.’’ उन्होंने बताया कि स्क्रिपल ने उन्हें बताया कि उसने पुतिन को पत्र लिख माफी देने और रूस आने की इजाजत देने का अनुरोध किया. तिमोश्कोव के मुताबिक उनके दोस्त को डबल एजेंट होने पर पछतावा था.

आपको बता दें कि 7 मार्च की खबर के मुताबिक एक पूर्व रूसी जासूस को किसी अज्ञात संदिग्‍ध चीज के संपर्क में आने की वजह से गंभीर हालत में अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. विल्टशायर पुलिस ने कहा कि 60 से ज्यादा की उम्र का एक पुरुष और 30 साल से ज्यादा उम्र की एक महिला 5 मार्च (रविवार) दोपहर सेलिसबरी शहर के माल्टिंग्स शॉपिंग सेंटर में एक बेंच पर बेसुध पड़े मिले. दोनों के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं थे. सुरक्षा अधिकारी क्रेग होल्डन ने कहा कि हो सकता है कि दोनों एक दूसरे को जानते हों. दोनों की ही हालत गंभीर बनी हुई है.

डीप कवर स्‍लीपर एजेंट
यह मामला इसलिए बड़ा है क्‍योंकि पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल(66) उन चार रूसी लोगों में से एक है जिसे 2010 में मॉस्को ने अमेरिका में 10 डीप कवर ‘स्लीपर’ एजेंट के तौर पर बदला था. उसके बाद इसे ब्रिटेन में शरणार्थी का दर्जा दे दिया गया था. स्क्रिपल रूसी सैन्य खुफिया अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए थे. उन्हें ब्रिटेन के लिए जासूसी करने के आरोप में रूस ने 2006 में 13 साल के जेल की सजा सुनाई थी.

सर्गेई स्क्रिपलः 2006 में सर्गेई को उस वक्‍त पकड़ा गया सेना से रिटायर हो चुके थे. वह रूसी सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस में कर्नल थे. उन पर आरोप था कि वह 1990 से ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी को यूरोप में मौजूद रूसी खुफिया एजेंट्स की जानकारी उपलब्‍ध करा रहे थे. इसके बदले में उनको लाखों डॉलर दिए गए. 2006 में मामला उजागर होने के बाद उनको पकड़कर जेल में डाल दिया गया. उसके बाद जब रूस और अमेरिका ने जासूसों की अदला-बदली की तो 10 रूसी जासूसों के बदले में उनको भी छोड़ दिया गया. कहा जाता है कि उनको छुड़ाने में ब्रिटेन का हाथ रहा. उसके बाद वह ब्रिटेन चले आए, जहां उनको शरणार्थी का दर्जा दिया गया.

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