में देखें रसगुल्ला खाने का अनोखा अंदाज, 25 फीट हवा में उछालकर यूं खाता है ये शख्स

लखनऊ: मिठाइयों में रसगुल्ले के शौकीन यूं तो बहुत होंगे, लेकिन आज हम जिससे आपको मिलाने जा रहे हैं वह अनोखा ही है. अनोखा इसलिए क्योंकि उसके रसगुल्ला खाने की स्टाइल थोड़ा हटके है. जी हां, हम बात कर रहे हैं इटावा की शांति कॉलोनी में रहने वाले अनुज कुमार की जो रसगुल्ले को हवा में 20 से 30 फीट ऊपर उछाल कर खाते हैं. अनुज कुमार ने ये महारत 9-10 साल की कड़ी प्रेक्टिस से पाई है. अनुज बताते हैं कि वे बचपन में चना और मूंगफली उछाल कर खाया करते थे. उसके बाद धीरे-धीरे रसगुल्ला खाने की प्रेक्टिस करने लगे.

सड़क पर यूं रसगुल्ला खाते देख हैरत में पड़ गए लोग
हाल ही में लखनऊ पहुंचे अनुज कुमार ने अपना ये खास करतब जी मीडिया को भी दिखाया. बताया जा रहा है कि रसगुल्ले को हवा में 20 से 30 फीट ऊपर उछाल कर खाने की दीवानगी अनुज कुमार के अंदर कुछ ऐसी है कि अब जब तक रसगुल्ला हवा में ना जाए तब तक अनुज को स्वाद ही नहीं आता है. लखनऊ में अनुज को जब लोगों ने सड़क किनारे रसगुल्ले को हवा में उछाल कर खाते देखा तो हैरत में आ गए.

वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं अनुज
अनुज ने जी मीडिया से हुई अपनी बातचीत के दौरान बताया कि बचपन में उनके साथियों ने रसगुल्ला उछालकर खाने के लिए चैलेंज किया था जिसके बाद अभ्यास करते-करते उन्होंने उसमें भी महारथ हासिल कर ली. मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन और अपने कॉलेज के कार्यक्रम में अपने हुनर का जलवा दिखा चुके अनुज इंडिया गॉट टैलेंट में भी ऑडीशन दे चुके हैं और अब उनकी हसरत है कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी उनका यह कारनामा दर्ज हो जाए.

10 साल लंबी है प्रेक्टिस, शादियों में किया करते थे रसगुल्ले खाने का अभ्यास
अनुज ने बताया कि पिछले करीब 10 सालों से वे रसगुल्ला हवा में उछाल कर ही खा रहे हैं. अनुज फिलहाल सैफई स्थित आईटीआई कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं. उनके मुताबिक जब उन्होंने बचपन में रसगुल्ला फेंक कर खाने की शुरुआत की तो किसी ने सपोर्ट नहीं किया लेकिन अब सब करते हैं. आपको बता दें कि अनुज के पिता पुलिस में एसआई के पद से रिटायर हुए हैं. अनुज से जब पूछा गया कि उन्हें बचपन में प्रेक्टिस के लिए रसगुल्ले कहां से मिलते थे तो उन्होंने बताया कि वे इसके लिए शादियों में बने रसगुल्लों का इस्तेमाल करते थे.

अपनी इस प्रतिभा के कुछ राज भी अनुज ने जी मीडिया के साथ शेयर किए. उनके मुताबिक रसगुल्ले को हवा में फेंक कर खाना आसान नहीं है क्योंकि इसे लगातार देखते रहना होता है. कई बार रसगुल्ला दो-तीन फुट इधर-उधर हो जाता है. इसके अलावा रसगुल्ले को पकड़ने, उसे ऊपर फेंकने, और अंत में उसे मुंह में कैच करने का काम भी अभ्यास से ही आता है क्योंकि जरा सी चूक से रसगुल्ला फट जाता है. अनुज बताते हैं कि वे रसगुल्ले से एक सेकंड के लिए भी अपनी नजर नहीं हटाते.

खास होते हैं अनुज के रसगुल्ले
अनुज जिन रसगुल्लों से यह करतब दिखाते हैं वो भी खास होते हैं. अनुज उनका चयन भी अपने अंदाज से करते हैं. अनुज बताते हैं कि आम तौर पर वे इटावा की केवल एक ही दुकान से रसगुल्ले खरीदते हैं. मुलायम सिंह के जन्मदिन के मौके पर हुए कार्यक्रम में जब अपना करतब दिखाने अनुज लखनऊ गए थे तो उन्होंने वहां रसगुल्ले खासतौर पर बनवाए थे.

इस करतब के दौरान अनुज को होता है दर्द
रसगुल्ला खाने के इस करतब में अनुज को दर्द भी होता है. जी हां. अनुज ने जी मीडिया को बताया कि उन्हें काफी पहले एक बुखार हुआ था जिसके बाद उन्हें चलने में दिक्कत होने लगी थी. अनुज के मुताबिक उनके दोनों कूल्हों में इंफेक्शन की वजह से कुछ दिक्कत हो गई थी जिसका वे 2013 में ऑपरेशन भी करा चुके हैं. ऑपरेशन के बाद वे चल तो लेते हैं लेकिन दौड़ नहीं सकते. रसगुल्ला खाने के लिए जब अनुज उसे ऊपर उछालते हैं और अपना चेहरा ऊपर करते हैं तो उनके कूल्हों में आज भी दर्द होने लगता है. इसके अलावा कई बार रसगुल्ला मुंह में कैच करते वक्त भी उनके मुंह में और जीभ में चोट आती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help