तरुण तेजपाल रेप केस: सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर राव हुए अलग

नई दिल्ली: तहलका पत्रिका के संस्थापक तरुण तेजपाल के अपनी सहयोगी से बलात्कार करने के मामले में चल रही सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर राव ने खुद को अलग कर लिया है. उन्होंने ऐसा क्यों किया, फिलहाल इसकी वजह सामने नहीं आ सकी है. बताया जा रहा है कि जस्टिस राव के अलग होने से अब इस केस की सुनवाई नई पीठ करेगी. तेजपाल मामले की सुनवाई कौन सी बेंच करेगी इसका फैसला एक-दो हफ्ते में ले लिया जाएगा. सुनवाई के लिए फिलहाल कोर्ट द्वारा कोई नई तारीख तय नहीं की गई है.

तरुण तेजपाल पर हैं ये आरोप
तरुण तेजपाल पर गोवा में 2013 में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी पूर्व सहयोगी से बलात्कार करने का आरोप है. आरोप है कि गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान पांच सितारा होटल में तेजपाल ने इस घटना को अंजाम दिया था. मामले में पीड़ित महिला की शिकायत के बाद गोवा अपराध शाखा ने 30 नवंबर, 2013 को तेजपाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 341, 342, 350, 376 और 354-ए और बी के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था. हालांकि, साल 2014 में उन्हें केस में बेल मिल गई थी. तब से ही तरुण तेजपाल जमानत पर हैं.

साल 2017 में सितंबर में जिला अदालत ने तेजपाल के खिलाफ बलात्कार और गलत तरीके से बंधक बनाने के आरोप तय किए थे. 15 मार्च को हुई सुनवाई में अदालत ने पीड़िता के बयान दर्ज किए थे. ये सुनवाई बंद कमरे में हुई थी, जिसमें मीडिया को जाने की इजाजत नहीं थी.

23 मार्च को तेजपाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि उनके खिलाफ उनकी पूर्व सहयोगी द्वारा दर्ज कराए गए बलात्कार मामले में पीड़िता के बयानों और वीडियो रिकॉर्डिंग में समानता नहीं है. जिसके बाद पीठ ने कहा था कि मामले के रिकॉर्ड वह देखेंगे. इसके साथ ही पीठ ने इस मामले की सुनवाई छह अप्रैल के लिए स्थगित कर दी थी. हालांकि, अब जस्टिस राव के बेंच से अलग होने पर इस तय तारीख पर सुनवाई होने की बात पर संशय है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help