बॉल टेम्परिंग विवाद में पूरी योजना के पीछे वार्नर का दिमाग था?

नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया के दागी क्रिकेटरों स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर पर गेंद से छेड़खानी मामले में लंबा प्रतिबंध लग सकता है जिससे उनके आईपीएल ही नहीं बल्कि भारत के खिलाफ इस साल के आखिर में होने वाली सीरीज से बाहर होने का भी खतरा मंडरा रहा है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया कल सुबह इन खिलाड़ियों के खिलाफ फैसले का ऐलान करेगा और ऐसी संभावना है कि स्मिथ और वार्नर लंबे समय के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर हो सकते हैं.

वहीं इस विवाद के मद्देनजर ऑस्ट्रेलिया के कुछ खिलाड़ियों का मानना है कि‘ बदमाश’ डेविड वार्नर को टीम होटल से बाहर किया जाना चाहिये क्योंकि ऐसी खबरें आ रही है कि इस समूचे विवाद के पीछे इस सलामी बल्लेबाज का ही दिमाग था.

फाक्स स्पोटर्स डाट एयू के अनुसार वार्नर के नाराज साथी खिलाड़ियों ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के हुक्मरानों से वार्नर को टीम होटल से बाहर करने को कहा है. उन्होंने यह भी चेताया है कि उसके टीम होटल में बने रहने पर उसके और नाराज खिलाड़ियों के बीच कुछ वाकया हो सकता है.

वार्नर ने खुद को ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के व्हाट्सअप ग्रुप से भी अलग कर लिया है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया मामले की जांच कर रहा है. मीडिया रपटों के अनुसार वार्नरको टीम होटल में शैंपेन पीते और दोस्तों के साथ पार्टी करते पाया गया और उसके नाराज साथी खिलाड़ी चाहते हैं कि उसे टीम होटल से निकाल बाहर किया जाये.

वार्नर पर 12 महीने का प्रतिबंध लग सकता है. सलामी बल्लेबाज मैथ्यू रेनशा को उनके विकल्प के तौर पर आखिरी टेस्ट के लिए बुला लिया गया है. वार्नर का आईपीएल में खेलना भी संदिग्ध हो गया है.उनकी टीम सनराइजर्स हैदराबाद फिलहाल क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले का इंतजार कर रही है.

एक साल का प्रतिबंध लगने पर भारत के खिलाफ दिसंबर जनवरी में होने वाली घरेलू सीरीज से भी दोनों को बाहर रहना पड़ सकता है. युवा सलामी बल्लेबाज मैट रेनशा को जोहानिसबर्ग बुलाकर संकेत दिया गया है कि वार्नर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी टेस्ट का भी हिस्सा नहीं होंगे.

इसके अलावा राजस्थान रायल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के साथ उनके करार पर भी फैसला होगा. ऐसा समझा जाता है कि स्मिथ इस झमेले के सुलझने तक खुद को क्रिकेट से दूर कर सकते हैं लेकिन टी20 क्रिकेट के महारथी वार्नर के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता.

बीसीसीआई कर रहा है अभी भी फैसले का इंतजार
बीसीसीआई फिलहाल क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले का इंतजार कर रहा है. यह देखना होगा कि इनके घरेलू बोर्ड से मिलने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र( एनओसी) में क्या लिखा होता है.

बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने कहा,‘‘ कई मीडिया चैनल इस बात को समझ नहीं रहे हैं कि बीसीसीआई फिलहाल इनके करार रद्द नहीं कर सकता. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के करार में अगर ऐसा प्रावधान है जो उसे इन खिलाड़ियों के निजी लीग खेलने के लिए दी गई एनओसी रद्द करने का अधिकार देता है तो बीसीसीआई के कुछ कहने का तो सवाल ही नहीं उठता.’’

उन्होंने कहा,‘‘ इससे उन्हें आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिलेगा. यदि सीए के प्रतिबंध में निजी लीग शामिल नहीं है तो वे आईपीएल में खेल सकते हैं.’’ इस बीच ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रपटों के अनुसार वार्नर इस पूरे प्रकरण में मुख्य दोषी है.

सिडनी मार्निंग हेराल्ड के अनुसार,‘‘ डेविड वार्नर का अंतरराष्ट्रीय कैरियर अस्थिर हो गया है क्योंकि गेंद से छेड़खानी प्रकरण के मद्देनजर उस पर‘ बदमाश’ का ठप्पा लग गया है. साथी खिलाड़ी उससे काफी नाराज है.’’ समझा जाता है कि वार्नर ने खुद को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों के वाट्सअप ग्रुप से भी अलग कर लिया है.
वॉ ने कहा नियमावली को फिर से पढ़े खिलाड़ी
पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को झकझोरने वाले गेंद से छेड़खानी के मामले में ‘केंद्रित और संतुलित दृष्टिकोण’ अपनाने की अपील की है. नब्बे के दशक के आखिर और इस सदी के शुरू में ऑस्ट्रेलिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में एक का नेतृत्व करने वाले वॉ ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के धोखाधड़ी वाले रवैये को ‘निर्णय लेने में गलती’ करार दिया और अपने देश के खिलाड़ियों को खेल भावना से जुड़ी नियमावली को फिर से पढ़ने की सलाह दी.

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल ने गेंद से छेड़खानी मामले के बाद क्रिकेट की छवि सुधारने की कवायद के तहत आज इस खेल से छींटाकशी समाप्त करने की अपील की. टर्नबुल ने धोखाधड़ी के इस मामले को ‘ऑस्ट्रेलिया के लिए अपमानजनक’ करार दिया.

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