मध्य प्रदेश को मिल सकता है ‘कड़कनाथ’ का जीआई टैग, ऑनलाइन ऑर्डर करने के लिए लांच हुई ऐप

भोपाल: मध्य प्रदेश के ‘कड़कनाथ’ मुर्गे की डिमांड इन दिनों सिर्फ देश में ही नहीं विदेशों में भी है. काले मांस वाले कड़कनाथ मुर्गे का स्वाद निराला है. नॉनवेज के शौकीनों की जुबान पर इसका स्वाद उतारे नहीं उतरता है. इसके उत्पादकों को बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाने के लिए बुधवार को मध्य प्रदेश सरकार ने एक सार्थक पहल की है. सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने कड़कनाथ मोबाइल ऐप लांच किया है. MPKadakNath ऐप के जरिए अब देश के किसी भी कोने में ये दुर्लभ प्रजाति का मुर्गा आसानी से उपलब्ध हो जाएगा. इस ऐप के जरिए कोई भी कड़कनाथ का ऑर्डर कर सकता है. सहकारिता विभाग ने देवास, झाबुआ और अलीराजपुर के 21 सहकारी संस्थाओं के जरिए कड़कनाथ के उत्पादन और मार्केटिंग की तैयारी की है. ऐप में कड़कनाथ के स्टॉक की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी. साथ ही सहकारिता विभाग ने आने वाले दिनों में कड़कनाथ की होम डिलीवरी शुरू करेगी.

छत्तीसगढ़ और एमपी के बीच है विवाद का कारण
कम कॉलेस्ट्राल की मात्रा वाले कड़कनाथ को लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य आमने सामने हैं. दोनों ही राज्य कड़कनाथ मुर्गे पर अपना दावा जता रहे है. लाजवाब स्वाद के लिए जाने जाने वाले कड़कनाथ मुर्गे की प्रजाति के लिए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ ने जीआई टैग (भौगोलिक संकेतक) के लिए भी चेन्नई स्थित भौगोलिक संकेतक पंजीयन कार्यालय में आवेदन दिए हैं. वहीं मध्यप्रदेश के पशुपालन मंत्री के मुताबिक मध्यप्रदेश को कड़कनाथ मुर्गे का जीआईटैग मिलने जा रहा है. जल्द ही कड़कनाथ मुर्गा मध्यप्रदेश का पेटेंट ब्रांड होगा. मध्यप्रदेश का दावा है कि कड़कनाथ मुर्गे की उत्पत्ति प्रदेश के झाबुआ जिले में हुई है, जबकि छत्तीसगढ़ का कहना है कि कड़कनाथ को प्रदेश के दंतेवाडा जिले में अनोखे तरीके से पाला जाता है और यहां उसका संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन होता है.

500 से 1500 रुपए तक है कीमत
विशेषज्ञों के अनुसार, कड़कनाथ के मांस में आयरन एवं प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है. इसके अलावा, यह अन्य प्रजातियों के मुर्गों से बहुत अधिक दाम में बेचा जाता है. कड़कनाथ के एक किलोग्राम के मांस में कॉलेस्ट्राल की मात्रा करीब 184 एमजी होती है, जबकि अन्य मुर्गों में करीब 214 एमजी प्रति किलोग्राम होती है. वहीं कड़कनाथ के मांस में 25 से 27 प्रतिशत प्रोटीन होता है, जबकि अन्य मुर्गों में केवल 16 से 17 प्रतिशत ही प्रोटीन पाया जाता है. इसके अलावा, कड़कनाथ में लगभग एक प्रतिशत चर्बी होती है, जबकि अन्य मुर्गों में 5 से 6 प्रतिशत चर्बी रहती है. कड़कनाथ 500 रुपए से लेकर 1500 रुपए किलो तक बिकता है.

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