संप्रग काल में एयर इंडिया भिखारी बन गया, हम उसे शानदार महाराजा बनाएंगे- जयंत सिन्‍हा

रांची : केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि एयर इंडिया संप्रग की सरकार के दौरान भिखारी बन गया था, लेकिन अब यह शानदार महाराजा बनेगा. कर्ज में डूबी एयर इंडिया की 76 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने और इसके प्रबंधन को निजी हाथों में देने की योजना बुधवार को सरकार ने पेश की थी.

सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को 76 फीसदी हिस्सेदारी दी जाएगी- सिन्‍हा
केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री ने कहा, ‘संप्रग के काल में महाराजा भिखारी बन गया. हम एयर इंडिया को शानदार महाराजा बनाएं.’ एक सवाल के जवाब में सिन्हा ने कहा कि सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को 76 फीसदी हिस्सेदारी दी जाएगी.

सरकार ने एयर इंडिया में रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया की योजना पेश की
उल्‍लेखनीय है कि सरकार ने कर्ज में डूबी एयर इंडिया में रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया की योजना बुधवार को पेश की. इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी में 76 प्रतिशत तक हिस्सेदारी और निजी कंपनियों को प्रबंधन नियंत्रण सौंपी जाएगी. नागर विमानन मंत्रालय ने हिस्सेदारी बिक्री को लेकर प्रारंभिक सूचना ज्ञापन में विस्तार से इसकी जानकारी दी. इसमें कहा गया कि प्रस्तावित विनिवेश में लाभ कमा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस तथा संयुक्त उद्यम कंपनी एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल होगी. एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लि. राष्ट्रीय विमानन कंपनी तथा सिंगापुर की एसएटीएस लि. की संयुक्त उद्यम है. दोनों की कंपनी में बराबर-बराबर हिस्सेदारी है.

विदेशी एयरलाइंस समेत विभिन्न इकाइयों से ईओआई आमंत्रित
सरकार इसमें 26 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेगी. साथ ही सफल बोलीदाता को एयरलाइन में कम-से-कम तीन साल तक निवेश बनाए रखना होगा. विनिवेश प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए विदेशी एयरलाइंस समेत विभिन्न इकाइयों से रूचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए गए हैं. ईओआई जमा करने की अंतिम तिथि 14 मई है और पात्र बोलीदाताओं को सूचना 28 मई को दी जाएगी. बोली में एक कंपनी या समूह शामिल हो सकता है. बोलीदाताओं के पास न्यूनतम नेटवर्थ 5,000 करोड़ रुपये होना चाहिए. साथ इकाइयों की श्रेणी के आधार पर कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है.

सरकार AI कर्मचारियों को शेयर विकल्प देने पर भी विचार कर रही
दरअसल, सरकार एयर इंडिया में अपनी 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के बाद कंपनी के कर्मचारियों को शेयर विकल्प ईएसओपी देने पर भी विचार कर रही है. सरकार ऋण बोझ से दबी एयर इंडिया में रणनीतिक विनिवेश की तैयारी कर रही है. नागर विमानन मंत्रालय ने बुधवार के इस बारे में प्राथमिक सूचना ज्ञापन जारी किया.

एयर इंडिया एक्सप्रेस में भी ​हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की जाएगी
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि विनिवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारी स्टाक विकल्प योजना (ईएसओपी) की पेशकश की जाएगी. एयर इंडिया में रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने इस प्रक्रिया के प्रमुख बिंदुओं को जारी किया है. इसके अनुसार सरकार कंपनी में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी साथ ही ​हिस्सेदारी खरीदने वाले को उसका प्रबंधन भी सौंप देगी. इस प्रक्रिया के तहत एयर इंडिया एक्सप्रेस में भी ​हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की जाएगी. सिंगापुर स्थित एसएटीएस के साथ संयुक्त उद्यम एआईएसएटीएस में भी एयर इंडिया की हिस्सेदारी बेची जानी है.

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