CBSE पेपर लीक: अदालत की निगरानी में जांच की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट करेगी याचिका पर सुनवाई

ई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीएसई परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अदालत की निगरानी में करवाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सोमवार (2 अप्रैल) को सहमति जता दी है. गौरतलब है कि 12 वीं का इकोनॉमिक्स और10 वीं का गणित का पर्चा लीक हो गया था. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की पीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए सोमवार को उस पर सुनवाई के लिए सहमति जता दी. गैर सरकारी संगठन सोशल ज्यूरिस्ट की ओर से दायर याचिका में 10वीं की गणित की पुन: परीक्षा जुलाई की बजाए अप्रैल में करवाने की भी मांग की गयी है. इसके अलावा अधिवक्ता अशोक अग्रवाल की ओर से दायर याचिका में अनुरोध किया गया है कि इकोनॉमिक्स और गणित की पुन: परीक्षाओं में बच्चों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच नरमी से की जाए.

10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा का पेपर हुआ था लीक
पेपर लीक मामले में दिल्ली पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं. अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के संबंध में पहला मामला 27 मार्च को और गणित का पेपर लीक होने का मामला 28 मार्च को दर्ज किया गया. सीबीएसई के 12वीं बोर्ड की अर्थशास्त्र और 10वीं बोर्ड की गणित की परीक्षा क्रमश: 26 मार्च और 28 मार्च को हुई थी. मामले की जांच के लिए पुलिस के दो उपायुक्तों, चार सहायक पुलिस आयुक्तों और पांच निरीक्षकों का एक विशेष जांच दल गठित किया गया है. यह दल संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) की निगरानी में काम कर रहा है.

सीबीएसई 12वीं की पुनर्परीक्षा 25 अप्रैल को, 10वीं की पुनर्परीक्षा मात्र दिल्ली, एनसीआर में
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के प्रश्न-पत्रों के लीक होने तथा दोबारा परीक्षा कराने के विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों के बीच सरकार ने शुक्रवार (30 मार्च) को कहा कि 12वीं के अर्थशास्त्र की पुनर्परीक्षा देशभर में 25 अप्रैल को आयोजित की जाएगी. जबकि 10वीं के गणित की दोबारा परीक्षा मात्र दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और हरियाणा में जुलाई के महीने में कराई जाएगी. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय में स्कूली शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि सीबीएसई 10वीं के गणित का प्रश्न-पत्र मात्र दिल्ली और हरियाणा में ही लीक हुआ था, क्योंकि इसके राष्ट्रीय स्तर पर लीक होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं.

स्वरूप ने कहा, “वह प्रश्न-पत्र मात्र दिल्ली और हरियाणा में लीक हुआ था और अगर दोबारा परीक्षा होगी तो मात्र इन राज्यों में जुलाई में होगी. इस मुद्दे पर अगले 15 दिनों में निर्णय ले लिया जाएगा.” उन्होंने कहा कि 12वीं के अर्थशास्त्र का प्रश्न-पत्र देशभर में लीक हुआ था, इसलिए उसकी दोबारा परीक्षा 25 अप्रैल को आयोजित होगी, लेकिन भारत के बाहर प्रश्न-पत्र लीक का कोई मामला नहीं होने के कारण देश के बाहर कोई नई परीक्षा नहीं होगी. उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा के निर्णय से परीक्षा परिणामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. सीबीएसई की परीक्षा के परिणाम आम तौर पर मई के अंत तक आते हैं. प्रश्न-पत्र घोटालों के लिए जिम्मेदारी स्वीकारने और इस मामले के बाद भी सीबीएसई प्रमुख अनीता करवल को हटाए न जाने के सवालों के जबाव में स्वरूप ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी.

(इनपुट एजेंसी से भी)

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