आखिर हो गई सुलह : केजरीवाल और जेटली के बीच मानहानि मामला कानूनी रूप से हुआ खत्‍म

नई दिल्‍ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री और आप नेता अरविंद केजरीवाल के पूर्व वकील राम जेठमलानी द्वारा की गई टिप्पणी के लिए अरुण जेटली की ओर से केजरीवाल के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे का मंगलवार को निस्तारण किया. हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा माफी मांगने के बाद मानहानि के मुकदमे की सुनवाई बंद की. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने केजरीवाल की माफी स्वीकार कर ली थी.

केजरीवाल ने इस मामले में माफी मांग ली थी
मानहानि के मामले के निपटारे के लिए जेटली, केजरीवाल की संयुक्त याचिका उल्‍लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की एक अदालत में आपराधिक मानहानि के एक मामले के निपटारे के लिए संयुक्त रूप से याचिका दायर की थी. डीडीसीए विवाद में आप नेता द्वारा जेटली के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर करीब दो साल पहले यह वाद दायर किया गया था. केजरीवाल ने इस मामले में माफी मांग ली थी. दोनों नेताओं के वकीलों के मुताबिक, दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के दूसरे नेताओं द्वारा मांगी गई माफी को केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार कर लिया.

केजरीवाल ने गडकरी से माफी मांग ली थी
दरअसल, केजरीवाल ने पहले ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और कपिल सिब्बल के वकील बेटे अमित से माफी मांग ली थी, जिन्होंने उनके खिलाफ अपुष्ट आरोप लगाने पर मानहानि का मामला और शिकायत दर्ज कराई थी. माफी का यह दौर पिछले महीने शुरू हुआ, जब केजरीवाल ने अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया से माफी मांग ली थी. केजरीवाल ने उन पर मादक पदार्थों का कारोबार करने का आरोप लगाया था. केजरीवाल के खिलाफ हालांकि कई आपराधिक मामले अब भी लंबित हैं.

जेटली ने दस करोड़ के मुआवजे का दावा करते हुए मामला दर्ज कराया था
हाईकोर्ट में जहां जेटली ने दिसंबर 2015 में दस करोड़ के मुआवजे का दावा करते हुए दीवानी मानहानि का मामला दर्ज कराया था. वहीं उन्होंने डीडीसीए में उनके कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुई वित्तीय अनियमितता के आरोप में केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का भी मामला दर्ज कराया था. केजरीवाल के साथ ही पांच और आप नेता- संजय सिंह, राघव चड्ढा, आशुतोष, दीपक वाजपेयी और कुमार विश्वास हाईकोर्ट और निचली अदालत में कार्यवाही का सामना कर रहे थे. इस मामले में कार्यवाही का सामना कर रहे अन्य लोगों ने जहां बिना शर्त माफी मांग ली थी, वहीं कुमार विश्वास ने माफी नहीं मांगी है ऐसी स्थिति में उनके खिलाफ कार्यवाही जारी रहेगी.

जेठमलानी के बयान बिना उनकी जानकारी या निर्देश के थे- केजरीवाल
उच्च न्यायालय में दिए गए पहले संयुक्त आवेदन के मुताबिक, केजरीवाल के अलावा अन्य आप नेताओं- चड्ढा, सिंह, आशुतोष और बाजपेयी ने जेटली और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ डीडीसीए मामले में अनियमितताओं के सिलसिले में लगाए गए आरोपों पर बिना शर्त माफी मांग ली है और अपने आरोप भी स्पष्ट रूप से वापस ले लिए हैं. आवेदन में कहा गया कि मानहानि के दूसरे मामले के संदर्भ में केजरीवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि रामजेठमलानी द्वारा लगाए गए अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण बयान बिना उनकी जानकारी या निर्देश के थे. आवेदन में कहा गया, ‘प्रत्येक आरोपी( केजरीवाल, संजय सिंह, राघव चड्ढा, आशुतोष और दीपक वाजपेयी) ने शिकायतकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया में लगाए गए आरोपों को स्पष्ट रूप से वापस ले लिया है. इसके साथ ही उन्होंने इन आरोपों की वजह से शिकायतकर्ता या उनके परिवार के सदस्यों की छवि को पहुंचे नुकसान पर गंभीरता से माफी मांगी है.’

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