भारत बंद हिंसा : लोकसभा में बोले राजनाथ सिंह- आरक्षण को लेकर अफवाहें निराधार, हम एससी/एसटी वर्ग के प्रति संवेदनशील

नयी दिल्ली/भोपाल : भारत बंद के दौरान सोमवार को करीब दस राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ. कई जगह प्रदर्शन ने हिंसक मोड़ ले लिया. मीडिया में चल रही खबर के अनुसार हिंसा में 12 लोगों की मौत हुई है जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार हिंसा में आठ लोगों की जान गयी है. मामले को लेकर मंगलवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में बयान दिया और कहा कि कल के बंद में हुई हिंसा में कुल 8 लोगों की मौत हुई है. हमारी सरकार एससी/एसटी के अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर है.

उन्होंने कहा कि हम लोगों की चिंताओं को समझ रहे हैं, हमने एससी/ एससी ऐक्ट को कमजोर नहीं किया है. आरक्षण को लेकर अफवाहें निराधार, हम एससी/एसटी वर्ग के प्रति संवेदनशील हैं. सभी लोगों और राजनीतिक पार्टियों से शांति बनाये रखने की मैं अपील करता हूं. गृहमंत्री के बयान के बाद लोकसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया जिसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी.

इससे पहले मामले को लेकर ग्वालियर के एसपी ने कहा कि महाराजगंज में कर्फ्यू में ढील दी गयी है. स्थिति नियंत्रण में है. शहर के चार इलाकों में कर्फ्यू जारी है. भारत बंद के मद्देनजर सोमवार को अधिकांश राज्यों ने शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखा गया. संचार व रेल समेत परिवहन सेवाएं अस्थायी तौर पर रोक दी गयीं.

आपको बता दें कि सोमवार को हिंसा की सबसे ज्यादा घटनाएं मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश में हुईं, जहां बंद समर्थक और विरोधी भिड़ गये. राजस्थान, बिहार, ओड़िशा और पंजाब में आगजनी, गोलीबारी और तोड़फोड़ की सबसे ज्यादा घटनाएं हुईं. बड़ी संख्या में वाहनों को आग के हवाले कर दिया. कुछ जगह पुलिसवालों और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई. इस बीच केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा कि लोक व्यवस्था बनाये रखें और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करें. गृह मंत्रालय स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है.

बंद के कारण दिल्ली में ट्रैफिक की रफ्तार थम गयी. दिल्ली और लाहौर के बीच चलने वाली भारत पाक बस सेवा सदा-ए -सरहद भी बाधित रही. लाहौर जाने वाली बस को श्रीहिंद में रोका गया और दिल्ली जा रही बस को अमृतसर में. मध्यप्रदेश में बंद समर्थकों और विरोधियों के बीच हुए संघर्ष में छह लोगों की गोली लगने से मौत हो गयी. ग्वालियर , मुरैना, भिंड के कुछ कस्बों में कर्फ्यू लगाना पड़ा. भिंड में गोलीबारी के बाद सेना को बुलाया गया.

वहीं पश्चिमी यूपी में भी आगजनी, मारपीट और तोड़फोड़ की घटना घटी, जिसमें कई लोग घायल हो गये. रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की दो कंपनियां मेरठ और एक-एक कंपनी आगरा व हापुड़ में तैनात किया गया है. पंजाब में सीबीएसइ की परीक्षा नहीं हुईं. हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, कैथल, हिसार, रोहतक, यमुनानगर, फरीदाबाद, गुरुग्राम व चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे.
पुलिस अधिकारी का इस्तीफा : यूपी में प्रशिक्षण मुख्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात बीपी अशोक ने अपना हस्तलिखित इस्तीफा राष्ट्रपति के नाम से राज्यपाल को भेजा है. इस्तीफे में अशोक ने कहा कि देश के मौजूदा हालात से वह काफी आहत हैं. एससी/एसटी कानून को कमजोर किया जा रहा है. संसदीय लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए. अशोक ने कहा कि उनकी मांगें पूरी की जाएं अन्यथा उनका इस्तीफे स्वीकार किया जाये.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help