रूस के विदेश मंत्री ने कहा- जासूस को जहर देना ब्रिटेन सरकार के लिए फायदेमंद

मास्को: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि पूर्व डबल एजेंट को जहर देना ब्रिटेन के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो ब्रेक्जिट से उत्पन्न हुई परेशानियों से ध्यान भटका सकता है. इंग्लैंड के सैलिसबरी शहर में चार मार्च को सेर्गेई स्क्रीपल और उनकी बेटी को जहर दिया गया था जिसके बाद पाश्चात्य देशों और रूस ने एक-दूसरे के राजनयिकों को निकालने की कार्रवाई हुई. इससे इन देशों के बीच संबंध शीत युद्ध के बाद सबसे खराब दौर में चले गए. लावरोव ने मास्को में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ यह ब्रिटिश सरकार के हित में हो सकता है जो ब्रेक्जिट की शर्तों को लेकर अपने मतदाताओं से किए वायदों को पूरा करने में नाकाम होने के बाद खुद को असहज स्थिति में पाता है. ’’

उन्होंने यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने का हवाला दिया है. लावरोव ने यह भी कहा कि स्क्रीपल और उनकी बेटी को जहर देना ब्रिटेन के विशेष बलों के हित में हो सकता है जो मारने की अपनी क्षमताओं के लिए जाने जाते हैं. विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ कई कारण हो सकते हैं और किसी को भी खारिज नहीं किया जा सकता है . ’’

ब्रिटेन ने कहा था कि यूएसएसआर में तैयार इस रासायनिक जहर से हमला करने के लिए रूस के जिम्मेदार होने की काफी संभावना है . ब्रिटेन के इस रूख का उसके पश्चिमी सहयोगियों ने समर्थन किया है. रूस ने इसमें अपनी संलिप्तता से इनकार किया है और ब्रिटेन से इस्तेमाल जहर के नमूने मांगे थे.

आपको बता दें कि 7 मार्च की खबर के मुताबिक एक पूर्व रूसी जासूस को किसी अज्ञात संदिग्‍ध चीज के संपर्क में आने की वजह से गंभीर हालत में अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. विल्टशायर पुलिस ने कहा कि 60 से ज्यादा की उम्र का एक पुरुष और 30 साल से ज्यादा उम्र की एक महिला 5 मार्च (रविवार) दोपहर सेलिसबरी शहर के माल्टिंग्स शॉपिंग सेंटर में एक बेंच पर बेसुध पड़े मिले. दोनों के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं थे. सुरक्षा अधिकारी क्रेग होल्डन ने कहा कि हो सकता है कि दोनों एक दूसरे को जानते हों. दोनों की ही हालत गंभीर बनी हुई है.

डीप कवर स्‍लीपर एजेंट
यह मामला इसलिए बड़ा है क्‍योंकि पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल(66) उन चार रूसी लोगों में से एक है जिसे 2010 में मॉस्को ने अमेरिका में 10 डीप कवर ‘स्लीपर’ एजेंट के तौर पर बदला था. उसके बाद इसे ब्रिटेन में शरणार्थी का दर्जा दे दिया गया था. स्क्रिपल रूसी सैन्य खुफिया अधिकारी के पद से सेवानिवृत हुए थे. उन्हें ब्रिटेन के लिए जासूसी करने के आरोप में रूस ने 2006 में 13 साल के जेल की सजा सुनाई थी.

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