हासिल किया जा सकता है 3.5 फीसदी का राजकोषीय घाटे का लक्ष्य, सरकार ने जताई उम्मीद

नई दिल्ली : वित्त मंत्रालय ने विश्वास जताया कि 2017-18 का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.5 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल हो जाएगा. मंत्रालय ने कहा है कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से राजस्व संग्रह व्यापक रूप से लक्ष्य के अनुरूप है और मंत्रालयों द्वारा सामान्य तरह से बचत की गई है.

वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि सरकार ने प्रत्यक्ष करों से 9.95 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो बजट अनुमान के 9.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक है. हालांकि, यह10.05 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से कम है. जहां तक माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संग्रह का सवाल है तो यह संशोधित बजट अनुमान 4.44 लाख करोड़ रुपये का 98 प्रतिशत रहा है.

वित्त सचिव ने कहा, ‘हमें पूरा विश्वास है कि हम 2017-18 के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पा लेंगे. यहां तक की कर संग्रह के आंकड़े भी बढ़ेंगे. अगले तीन चार दिन में हमें अतिरिक्त राजस्व का ब्योरा मिलेगा.’

यह पूछे जाने पर कि क्या 3.5 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने के लिए खर्च में कटौती की जाएगी. अधिया ने कहा कि कोई बड़ी कटौती नहीं होगी. हालांकि ऐसा हो सकता है कि कुछ विभागों ने उन्हें वित्त वर्ष के लिए आवंटित राशि को पूरा खर्च नहीं किया हो. पूरे वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के आधिकारिक आंकड़े अप्रैल के अंत में जारी किए जाएंगे.

बढ़ा जीएसटी कलेक्शन
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत फरवरी में कुल राजस्व संग्रह 89,264 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले महीने से 1,217 करोड़ रुपये ज्यादा है. पिछले सप्ताह वित्त मंत्रालय ने फरवरी के जीएसटी संग्रहण के शुरुआती आंकड़े पेश किए थे, जिनमें जनवरी की तुलना में 1,144 करोड़ की कमी दर्ज की गई थी. उन आंकड़ों के अनुसार फरवरी में राजस्व संग्रह 85,174 करोड़ रुपये था.

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