विराट कोहली बोले- कश्मीर पर अाफरीदी के बयान का नहीं करता समर्थन

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अाफरीदी के कश्मीर को लेकर दिए गए बयान पर अब टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. बता दें कि हाल ही में अाफरीदी ने लिखा था कि ‘भारत के कब्जे वाले कश्मीर में स्थिति नाजुक होती जा रही है.’

अाफरीदी ने लिखा, ‘वहां पर आज़ादी की आवाज़ को दबाया जा रहा है और बेगुनाहों को मारा जा रहा है. लेकिन यह देख कर हैरानी हो रही है कि अभी तक सयुंक्त राष्ट्र कहां पर है. संयुक्त राष्ट्र इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है’.

इसके बाद कोहली ने अाफरीदी के बयान पर कहा, ‘एक भारतीय होने के नाते हम देश के लिए जो अच्छा होता है वही कहते हैं. मेरी रुचि हमेशा मेरे देश के हित में है. यदि कोई इसका विरोध करता है, तो मैं उसका कभी समर्थन नहीं करूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘किसी भी मुद्दे पर बोलना किसी की निजी राय है. जब तक मुझे किसी मामले की पूरी जानकारी नहीं होती मैं उसपर राय नहीं रखता. लेकिन अपने देश के साथ खड़ा होना मेरी पहली प्राथमिकता है.’

विराट ने कहा, ‘जैसे मैंने आपको पहले ही बताया कि कुछ मुद्दों पर कॉमेंट करना किसी की बेहद निजी पसंद का मसला है. जब तक मुझे इस पूरे मसले की पूरी जानकारी नहीं होगी, तो मैं इन मामलों पर कुछ कहना नहीं चाहूंगा, लेकिन निश्चिततौर पर आपकी प्राथमिकता आपके देश के साथ ही जुड़ी होंगी.’

बता दें इस मुद्दे पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव ने भी अपनी राय रखी है. 1983 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल देव ने कहा, ‘वह (अफरीदी) कौन है? हम उसे क्यों महत्व दे रहे हैं? हमें कुछ लोगों को बिल्कुल भी महत्व देने की जरूरत नहीं है.’

क्रिकेटर सुरेश रैना ने भी इस मामले में ट्वीट किया है. रैना ने अपने ट्वीट में शाहिद अाफरीदी को टैग करते हुए लिखा, ‘कश्‍मीर भारत का अभिन्‍न अंग हैं और हमेशा रहेगा. कश्‍मीर वह पवित्र भूमि है जहां मेरे पूर्वजों का जन्‍म हुआ. मैं उम्‍मीद करता हूं कि शाहिद अाफरीदी भाई पाकिस्‍तान आर्मी से कश्‍मीर में आतंकवाद और प्रॉक्‍सी वार रोकने को कहेंगे. हम शांति चाहते हैं, खून-खराबा और हिंसा नहीं.’

इससे पहले भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने अाफरीदी को करारा जवाब दिया था. गंभीर ने ट्वीट कर लिखा था कि ‘मीडिया की ओर से मेरे पास हमारे कश्मीर और यूएन पर अाफरीदी के ट्वीट पर जवाब देने के लिए फोन आए. इसमें कहना क्या है? अाफरीदी सिर्फ यूएन की ओर देख रहे हैं, जिसका मतलब उनके पुराने शब्दकोश में ‘अंडर-19′ है, जो उनकी एज ब्रैकेट है. मीडिया को रिलेक्स महसूस करना चाहिए. अाफरीदी नो बॉल पर विकेट लेने का जश्न मना रहे हैं.’

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