रूसी जासूस केस: मॉस्को में US एबेंसी से निकाले गए 60 राजनयिक, अमेरिका के लिए हुए रवाना

मॉस्को: जासूस को जहर देने पर उपजे विवाद के मद्देनजर मॉस्को में वाशिंगटन के दूतावास से निष्कासित किए गए अमेरिका के 60 राजनयिकों का पहला जत्था गुरुवार (5 अप्रैल) को रवाना हो गया. मौके पर मौजूद एएफपी के संवाददाता ने बताया कि अमेरिका के कई राजनयिकों और उनके परिवारों ने स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े छह बजे दूतावास छोड़ दिया और वे तीन बसों तथा एक मिनीबस में सवार होकर हवाईअड्डे की ओर रवाना हुए. रूस ने राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए गुरुवार (5 अप्रैल) की समय सीमा दी थी.

डबल एजेंट सर्गेइ स्क्रिपल पर हमले का मामला
ब्रिटेन में चार मार्च को सालिसबरी में पूर्व डबल एजेंट सर्गेइ स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया पर नर्व एजेंट से हमला किया गया जिसमें वे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. ब्रिटेन ने इस हमले के पीछ रूस का हाथ बताया है. इसके बाद जैसे को तैसा नीति के तहत राजनियकों को अपने-अपने देश से निकालने का सिलसिला जारी है.

ब्रिटेन ने हत्या के पीछे बताया रूस का हाथ
ब्रिटेन ने कहा कि इस हत्या के पीछे रूस के होने की ‘‘पूरी संभावना’’ है. हालांकि रूस ने आक्रामक रूप से इस आरोप को खारिज किया है. अमेरिका, यूरोपीय संघ के सदस्यों, नाटो देशों और अन्य देशो ने रूस के 150 से अधिक राजनयिकों को निष्कासित करने का आदेश दिया था और रूस ने भी इसका ऐसा ही जवाब दिया.

60 US राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए कहा था
मार्च के अंत तक रूस ने अमेरिका के 60 राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए कहा और साथ ही सेंट पीटर्सबर्ग में वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया. राजनयिकों के देश छोड़कर जाने के मद्देनजर दूतावास में कई वाहन आते और जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. कई वाहनों में निष्कासित राजनयिकों के सामान और पालतू जानवर भी हैं.

इससे पहले जासूस को जहर देने के मामले में रासायनिक हथियारों पर निगरानी रखने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन में ब्रिटेन के साथ संयुक्त जांच की अपील खारिज होने के बाद रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से गुरुवार (5 अप्रैल) को तत्काल बैठक बुलाने का अनुरोध किया. ब्रिटेन ने कहा है कि रूस के पूर्व डबल एजेंट सर्गेइ स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया पर चार मार्च को हुए हमले के पीछे रूस के होने की ‘‘पूरी संभावना’’ है. बहरहाल, रूस इस मामले में किसी तरह की संलिप्तता से लगातार इनकार करता रहा है. ब्रिटेन का कहना है कि यह नर्व एजेंट सोवियत संघ द्वारा विकसित किया हुआ था.

रूस ने न्यूयॉर्क में बृहस्पतिवार (5 अप्रैल) को शाम सात बजे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की अपील की है. परिषद में उसके राजदूत वैसिली नेबेंजिया ने कहा कि बैठक का मुख्य ध्यान ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे द्वारा भेजे गए पत्र पर केंद्रित होगा जिसमें रूस पर हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है.

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