कर्नाटकः CM सिद्धारमैया समेत 15 बड़े नेताओं ने अपने बेटे-बेटियों के लिए मांगा टिकट, कांग्रेस में कलह

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को नेताओं के लड़के लड़कियों को टिकट देने में कुछ भी गलत नजर नहीं आता है उनका कहना है कि जीत का क्राइटेरिया होना चाहिए और नेताओं के लड़के-लड़कियों को टिकट पाने का पूरा अधिकार है,

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में टिकटों के बटवारा कांग्रेस के लिए मुसीबत बन गया है मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सहित पार्टी के 15 सीनियर नेता अपने पुत्र-पुत्रियों के लिए कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं जिससे पार्टी के लिए फैसला करना मुश्किल हो रहा है और पार्टी हलकान है. 13 अप्रैल को इसी मामले को लेकर कांग्रेस इलेक्शन कमेटी की बैठक राहुल गांधी की अध्यक्षता में बुलाई गई है जिसमें तमाम सीनियर नेता हिस्सा लेंगे और इस बैठक में कांग्रेस में टिकट बंटवारे पर विचार होगा माना जा रहा है कि कांग्रेस की सूची अगले 48 घंटों में आ सकती है अब सबकी निगाहें लगी है कि आखिरकार बड़े नेताओं के दबाव में किसको टिकट मिलता है.

इस लिस्ट में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे डॉक्टर यथेन्द्र, गृह मंत्री आर रामलिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी, सात बार कोलार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री केएच मुनियप्पा की बेटी रूपा, कांग्रेस के पूर्व दिग्गज बी शंकरानंद के दामाद सिंधे भीमसेन राव, पार्टी के वरिष्ठ नेता मार्गरेट अल्वा के बेटे निवेदित अल्वा और कुछ दूसरे नेताओं के रिश्तेदार के नाम शामिल है. पार्टी के कई पुराने कार्यकर्ताओं ने खुलेआम चल रहे इस परिवारवाद का विरोध किया है. इनका मानना है कि पार्टी में भाई भतीजावाद काफी ज्यादा हो रहा है जिसका नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है.

पिछले हफ्ते टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग में हंगामा भी हुआ था. पूर्व मुख्यमंत्री एम वीरप्पा मोइली और पीडब्ल्यूडी मंत्री डॉ एचसी महादेवप्पा के बीच जम कर झगड़ा हुआ था. दरअसल वीरप्पा मोइली उडुपी जिले के कर्कला से अपने बेटे हर्ष मोईली के लिए टिकट की मांग कर रहे थे. वीरप्पा मोइली ने एक विवादित ट्वीट किया था और कहा था कि कांग्रेस से टिकट में पैसे की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और पैसा ही टिकट तय करेगा हालांकि उन्होंने बाद में विवाद बढ़ने पर इस ट्वीट को को वापस ले लिया और यह कह दिया कि यह ट्वीट उन्होंने नहीं किया है वीरप्पा मोइली अपने बेटे हर्ष मोइली के लिए विधानसभा का टिकट चाहते हैं, उनका कहना है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री हैं तो उनके बेटे को टिकट मिलना चाहिए.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चाह रहे हैं कि उनके बेटे को मैसूर जिले में वरुणा से टिकट दिया जाए. सिद्धारमैया ने अपनी पुरानी सीट, चामुंडेश्वरी से चुनाव लड़ने का फैसला किया है ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि उनके बेटे के लिए जीत आसान हो. इसी तरह कर्नाटक के गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी दक्षिण बेंगलुरु के जयनगर से अपनी बेटी के लिए टिकट मांग रहे हैं. केएच मुनियाप्पा की बेटी की नज़र कोलार गोल्ड फील्ड सीट पर है.मार्गरेट अल्वा के सबसे छोटे बेटे उत्तरी कन्नड़ जिले में सिरसी सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं.

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को नेताओं के लड़के लड़कियों को टिकट देने में कुछ भी गलत नजर नहीं आता है उनका कहना है कि जीत का क्राइटेरिया होना चाहिए और नेताओं के लड़के-लड़कियों को टिकट पाने का पूरा अधिकार है, यह बात उन्होंने कई मौकों पर मीडिया से कही है हालांकि वह भी कहते हैं इस बारे में अंतिम फैसला कांग्रेस चुनाव समिति और राहुल गांधी करेंगे लेकिन बड़े नेताओं के परिवार को लेकर जिस तरीके क्या विवाद मचा हुआ है उसे पार्टी हलकान है और टिकटों को लेकर घमासान मचा हुआ है.

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