केंद्रीय मंत्री बोले- संविधान में अल्पसंख्यकों को मिले हैं अधिकार, बहुसंख्यकों को नहीं

सत्यपाल सिंह संविधान निर्माता डॉ बीआर अंबेडकर की 127 वीं जयंती के उपलक्ष्य में दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘कानून का शासन और राष्ट्रनिर्माण में बी आर आंबेडकर की भूमिका’’ विषय पर बोल रहे थे.

नई दिल्लीः केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने शनिवार को कहा कि अल्पसंख्यकों को कई अधिकार मिले हुए हैं जो कि बहुसंख्यकों को नहीं है. उन्होंने पिछले कुछ दशकों में संविधान की जिस तरह व्याख्या की गयी उसपर फिर से विचार करने की हिमायत की. यह उल्लेख करते हुए कानून के समक्ष सब समान है, केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री ने कहा, ‘‘पिछले दो दशकों में जिस तरह संविधान की व्याख्या की गयी और कानून को परिभाषित किया गया, इस पर फिर से विचार की जरूरत है. हमें उनपर फिर से विचार करना चाहिए.’’

सत्यपाल सिंह संविधान निर्माता डॉ बीआर अंबेडकर की 127 वीं जयंती के उपलक्ष्य में दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘कानून का शासन और राष्ट्रनिर्माण में बी आर आंबेडकर की भूमिका’’ विषय पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘संविधान में अल्पसंख्यकों को जिस तरह का अधिकार दिया गया, अभी भी वे इस बारे में ठगा हुआ महसूस करते हैं. उन्हें अपने संस्थान, धार्मिक संस्था चलाने का अधिकार है, लेकिन बहुसंख्यकों को यह हासिल नहीं है. कानून सबके लिए समान है.’’

उन्होंने कहा संविधान लागू हुए करीब 70 साल होने को है लेकिन हम लोग इसे अपने अंदर समाहित नहीं कर पाए हैं . उन्होंने कहा, ‘‘कानून के शासन का मतलब है कि कानून हर किसी के लिए समान है . हालांकि, एक व्यक्ति जो सौ रुपया चोरी करता है, दूसरा जो सौ करोड़ रुपये चोरी करता है, उसे एक ही सजा मिलती है . क्या इससे समाज को न्याय मिलता है ? मैं कहता हूं यह नहीं होता. इसलिए कानून संशोधित करने की जरूरत है .’’ साथ ही कहा कि बीते वक्त में कानून का शासन लागू नहीं हुआ और इससे बहुत भेदभाव हुआ. केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह का दावा, डार्विन का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से गलत

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आप एक मजबूत लोकतांत्रिक देश चाहते हैं जहां हर किसी को शिक्षा मिले . हमारे यहां शिक्षा का अधिकार (कानून) है लेकिन पिछले साठ साल में क्या हम इसे लागू कर पाए? अभी भी लाखों बच्चे स्कूल नहीं जाते क्योंकि कानून धारदार नहीं है.’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help