बीजेपी-कांग्रेस के उपवास पर शिवसेना का तंज, कहा- ‘ये सब ढोंग है’

बीजेपी को ओर से किए गए उपवास पर उनके सहयोगी दल शिवसेना ने निशाने पर लिया है.

नई दिल्ली: बीजेपी को ओर से किए गए उपवास पर उनके सहयोगी दल शिवसेना ने निशाने पर लिया है. महाराष्ट्र और केंद्र में बीजेपी के साथ सरकार चला रही शिवसेना ने उपवास को ढोंग कहा है. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे के हवाले से छपे संपादकीय में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को निशाने पर लिया गया है. ‘सामना’ में छपे संपादकीय का शीर्षक है ‘आत्मकलेश का उत्सव’.

संपादकीय में लिखा है, ‘कांग्रेसी नेता अनशन से पहले होटल में जाकर छोले-भटूरे खाते हैं, तो बीजेपीवाले भी भूखे नहीं रहते, ये कैसा अनशन. सीमा पर पाकिस्तान के हमले जवान शहीद होते हैं, शहीद जवानों की याद बीजेपी-कांग्रेस को नहीं आती, उनके लिये अनशन क्यों नहीं?

पीएम मोदी सहित BJP नेताओं ने किया उपवास
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उनके मंत्रिमंडल के सहकर्मियों सहित बीजेपी के शीर्ष नेताओं, पार्टी के सांसदों और पदाधिकारियों ने संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण ठप रहने के विरोध में उपवास रखा तथा इसके लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया. मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई ने उपवास के दौरान कामकाज जारी रखा जबकि प्रकाश जावड़ेकर, मुख्तार अब्बास नकवी और पीयूष गोयल सहित कई मंत्रियों ने उपवास पर बैठने के लिए तथा मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर हमला बोलने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया.

संसद की कार्यवाही में कांग्रेस की ओर से कथित तौर पर व्यवधान डाले जाने का विरोध करने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कर्नाटक में अपनी पार्टी के नेताओं के बीच मौजूद थे, जहां विधानसभा चुनाव होने जा रहा है.

शाह ने राज्य में एक जनसभा में कहा, ‘कांग्रेस बखूबी जानती है कि वह किसी भी सदन में चर्चा नहीं कर सकती, इसलिए उसने संसद का कामकाज नहीं चलने दिया. भाजपा के पास कोई विकल्प नहीं बचा, सिवाय लोगों के पास जाने का क्योंकि यह हमारे लिए सबसे बड़ा मंच है.’

उन्होंने दावा किया कि मुख्य विपक्षी पार्टी लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखती है और इसने लोकतंत्र को बंधक बना रखा है. इस पार्टी के अंदर लोकतंत्र नहीं है और यह देश में लोकतंत्र को नहीं बचा सकती.

बीजेपी के लोकसभा सदस्यों में ज्यादातर ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में उपवास रखा, जबकि राज्यसभा के ज्यादातर सदस्यों ने अपने-अपने राज्यों में ऐसा किया.

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