दिल को झकझोर देने वाला प्रधानमंत्री जी के नाम पत्र |

publiclive.co.in[Edited by:रंजीत]
सेवा में,

श्री मान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी,

विषय: निरंतर हो रहे बलात्कार को रोकने एवम महिला शसक्तीकरण हेतु कठोर क़ानून बनाने के लिए आग्रह।

आदरणीय महोदय श्री प्रधानमंत्री जी मैं रवि यादव पत्रकार #Publiclive परम् आदरणीय प्रधानमंत्री जी आज देश का माहौल किस तरह आक्रोश में जल रहा है उससे आपको अवगत कराने की कोई आवश्यकता नही हैं, महोदय आप देश के सबसे गौरान्वित पद पर है,आपको देश में हो रहे हर एक हरकत की जानकारी रहती है।

महोदय पिछले दिनों जिस तरह से बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही है।
उससे पूरा देश गुस्से में है,
आदरणीय प्रधानमंत्री जी मुझे पता है आपको भी इससे आहत हुआ होगा आपका मन भी जरूर पसीजा होगा,
श्रीमान यदि इस प्रकार की घटनाओ को रोकने हेतु कोई कठोर कदम नही उठाये गए तो निश्चय ही कुछ दिनों में हमारा देश भ्रूण हत्या की तरफ अग्रसर हो जाएगा।
आज हर माँ बाप के मन मे अपने बेटी को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है, वो हर क्षण भयभीत रहते है।
महोदय हम सबको आपसे बहुत उम्मीद है।
आपने अपने आप को जिस तरह देश की सेवा हेतु समर्पण किया है,
बस उसी प्रकार आप हमारे नारी ससक्तिकरण के लिए कोई ठोस से ठोस कदम उठाए,
महोदय यदि हमारे देश मे इस प्रकार से और घटनाएं घटित होती रही तो वो दिन दूर नही जब हम हमारे सृष्टि के सबसे शक्तिशाली ताकत को खो देंगे।
यदि हम ऐसी घटना को रोकने में सक्षम नही हो पाते हमको कोई अधिकार नही है खुद को पुरुष कहने का,
महोदय ऐसे गुनाहगारो को तुगलकी फरमान जैसे सजाओ की जरूरत है,
जिससे सबके हृदय में ऐसे हरकतों को लेकर एक भयानक खौफ बना रहे हमें अब ऐसा करने की सख्त आवश्यकता है।
महोदय जिस बच्ची ने अभी दुनिया को ढंग से देखा भी नही उस बहादुर बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार किया जाता है,

अब इससे ज्यादा शर्मसार और क्या हो सकता है।
आम इंसान सबसे ज्यादा भरोसा जिस बल पर करता हो यदि उसमे से कोई समाज का हत्यारा हो ।
ये सिर्फ उस बेचारी बहादुर बच्ची की नही हम सबकी हत्या है हम सबके सोच की हत्या है,
अब अगर हम खामोश बैठे रहे तो निश्चय ही एक दिन ये जनता आक्रोश में आकर सब कुछ बदल देगी।
हमारे देश का कानून अब बस मजाक जैसा बन कर रह गया है,
मैं ये नही कहता इसमे शक्ति नही है,
महोदय लेकिन कानून के रक्षक ही अब कानून के भक्षक बन बैठे है,
ऐसे घटनाये हर दिन हमारे समाज को झकझोर कर रख देती है।
महोदय आप से अब एक भावनात्मक लगाव के रिश्ते से आप से एक विनंती करना चाहता हूं, ऐसे गुनाहगारो के लिए अब कानून बदलने की आवश्यकता है।

महोदय मैं बहुत कुछ लिखना चाहता हूँ,
मेरे पास बहुत शब्द है,
परम् आदरणीय लेकिन आज मैं अपने शब्दों से ज्यादा अपने जज्बात और अपने स्वर्णिम हिंदुस्तान का दर्द बयां कर रहा था।

महोदय यदि मुझसे कोई भी त्रुटि हुई हो तो आप मुझे क्षमा कर दे।

जय हिंद

आपका शुभचिंतक
भारत माता का बेटा

रविप्रकाश यादव

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