देश में एक हजार की आबादी पर 0.6 डॉक्टर और 0.8 नर्स

नई दिल्ली : केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में स्वास्थ्य सेवाओं की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 2.5 प्रतिशत करने की है. सर गंगा राम अस्पताल के स्थापना दिवस पर अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की लक्ष्य प्राप्त करने में सरकार निजी क्षेत्र को ‘रणनीतिक साझेदार’ मानती है. उन्होंने कहा, ‘125 करोड़ आबादी वाले देश में सभी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना आसान नहीं है. कई चुनौतियां हैं, जिनसे हमें निपटना है.

जीडीपी में स्वास्थ्य क्षेत्र की हिस्सेदारी 1.6 प्रतिशत
उन्होंने आगे कहा कि बात जब सरकारी खर्च की आती है तो, जीडीपी में स्वास्थ्य क्षेत्र की हिस्सेदारी 1.6 प्रतिशत है.’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन, मैं आपको आश्वासन देता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री इसके बारे में सोचते हैं. और प्रधानमंत्री का लक्ष्य जीडीपी में स्वास्थ्य क्षेत्र की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 2.5 प्रतिशत करने की है. और इसके लिए खर्च किया जा सकता है.’

निवेश को बढ़ावा देना चाहती है सरकार
केंद्रीय मंत्री ने सर गंगा राम और उनके विरासत की प्रशंसा करते हुए कहा कि 1947 में विभाजन के बावजूद योगदानों के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में उन्हें समान तरीके से याद किया जाता है. डॉक्टरों, नर्सों और ढाचागत जरूरतों की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार इन क्षेत्रों में ‘निवेश को बढ़ावा देना चाहती है.’

1000 मरीजों पर महज 1.5 बिस्तर
उन्होंने कहा, ‘यदि हम भारत में मौजूदा हालात को देखें तो, एक हजार की आबादी पर 0.6 डॉक्टर और 0.8 नर्सें हैं. जबकि 1000 मरीजों पर महज 1.5 बिस्तर हैं. वैश्विक स्तर पर भी हालात बहुत अच्छे नहीं हैं.’ गृह मंत्री ने अस्पताल परिसर में 11 मंजिला कार पार्किंग का उद्घाटन किया और रेडियोथेरेपी तथा ओपीडी ब्लॉक की आधारशिला रखी.

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