कठुआ रेप केस: कोर्ट ने सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी देने के लिए कहा, अब 28 अप्रैल को होगी सुनवाई

कठुआ गैंगरेप और हत्या का मामले में जम्मू की एक अदालत में सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने आरोपी पक्षों के वकीलों की शिकायत पर कहा कि पुलिस सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी मुहैया कराए. अब इस मामले में 28 अप्रैल को सुनवाई होगी

जम्मू: कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले में जम्मू की सेशंस कोर्ट में आज सुनवाई हुई. जहां अदालत ने सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी मुहैया कराने के लिए कहा. आरोपियों के वकीलो ने जज से शिकायत की कि उन्हें इस मामले की चार्जशीट की कॉपी नहीं मिली है. जज ने इसके बाद आरोपियों के वकीलो को कॉपी देने की हिदायत दी.

सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि नार्को टेस्ट के बाद सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा. केस में आरोपियों के एक वकील अंकुर शर्मा ने कहा, ”कोर्ट ने पुलिस से कहा है कि वह सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी दें. हम नार्को टेस्ट के लिए तैयार हैं. अब इस मामले में 28 अप्रैल को सुनवाई होगी.”

कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले में आठ आरोपी हैं, जिसमें एक नाबालिग है. सात आरोपियों को आज सेशंस कोर्ट में और एक नाबालिग को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया.

एक आरोपी बोला- ऊपर वाला सब देख रहा है

सुनवाई से पहले इस मामले में मुख्य आरोपी सांजी राम ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया. उन्होंने कहा कि ऊपर वाला सबकुछ देख रहा है. नार्को टेस्ट के बाद सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा. ऐसा माना जा रहा है कि गैंगरेप के जरिए सांजी राम बकरवाल समुदाय को गांव छोड़ने के लिए धमकाना चाहता था.

कठुआ गैंगरेप और हत्या का मामला हिंदू-मुस्लिम विवाद में फंसने की वजह से जम्मू-कश्मीर की महबूबा सरकार ने सिख समुदाय के दो वकील को सरकारी वकील बनाया है. जो कोर्ट में पुलिस का पक्ष रख रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के रासना जंगल में जनवरी में घोड़ों को चराने गई बकरवाल समुदाय की आठ साल की लड़की लापता हो गई थी. उसका शव एक हफ्ते बाद बरामद किया गया. जांच में खुलासा हुआ है कि उसे एक मंदिर के अंदर बंधक बना कर रखा गया था और उसके साथ रेप से पहले नशीली दवाएं दी गई और उसकी हत्या कर दी गई.

कठुआ गैंगरेप और हत्या केस LIVE Updates

11:20 AM: रेप केस में मुख्य आरोपी सांजी राम की बेटी ने कहा- यह षड्यंत्र है. वह बच्ची कोई हिंदू-मुस्लिम की नहीं है. उसका कोई रेप नहीं हुआ है, हत्या हुई है. इसकी छानबीन सीबीआई करे. अन्यथा निर्दोष फंसेंगे.

11: 10 AM: कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले में अब 28 अप्रैल को होगी सुनवाई. कोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान आदेश दिया कि सभी आरोपियों को चार्चशीट की कॉपी दी जाए.

10: 57 AM: पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की मांग की. साथ ही केस को जम्मू-कश्मीर से दूसरे राज्य में ट्रांसफर किये जाने की अपील की. कोर्ट अब 2 बजे याचिका पर सुनवाई करेगा.

10:50 AM: कठुआ मामले में मुख्य आरोपी सांझी राम ने कहा- ऊपर वाला सबकुछ देख रहा है. नार्को टेस्ट के बाद सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा.

10:45 AM: कठुआ रेप केस के सभी आरोपियों को कठुआ स्थित जिला अदालत लाया गया.

राजावत की जान को खतरा

पीड़ित पक्ष की वकील दीपिका सिंह राजावत ने आशंका जाहिर की है कि इस केस की वकील बनने की वजह से उनकी जान को खतरा है.

पीड़ित पक्ष की वकील दीपिका सिंह राजावत ने कहा, ”मेरा भी रेप हो सकता है या हत्या करवाई जा सकती है. शायद मुझे कोर्ट में वकालत न करने दी जाए. मैं नहीं जानती कि अब मैं यहां कैसे रहूंगी. हिंदू विरोधी बताकर मेरा बहिष्कार किया गया है.” उन्होंने आगे कहा, ”केस ट्रांसफर करने और अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करूंगी.”

आरोपियों के पक्ष में निकली थी रैलियां

आपको बता दें कि आरोपियों को बचाने के लिए जम्मू में पिछले दिनों रैलियां निकाली गई थी. इसमें बीजेपी के दो नेता चंद्र प्रकाश गंगा और चौधरी लाल सिंह भी शामिल हुए थे. विवाद बढ़ने के बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए. स्थानीय संगठन का दावा है कि पुलिस गैंगरेप मामले में आरोपी को फंसाकर ‘अल्पसंख्यक डोगरा को निशाना बना रही है.’

वहीं पिछले दिनों जब पुलिस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने कोर्ट पहुंची तो वहां मौजूद वकीलों और आम लोगों की भीड़ ने बदसलूकी की. पीड़ित पक्ष के वकील का दावा है कि केस को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है.

पिछले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कठुआ की बार एसोसिएशनों के कुछ वकीलों द्वारा दीपिका सिंह राजावत को गैंगरेप पीड़िता के परिवार के तरफ से पेश होने से कथित रूप से रोकने की घटना का स्वत: संज्ञान लिया था.

अदालत ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया, जम्मू-कश्मीर बार काउंसिल, जम्मू बार एसोसिएशन और कठुआ जिला बार एसोसिएशन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है क्योंकि अदालत के यह ध्यान में लाया गया था कि वकीलों ने आरोपपत्र दाखिल करने में बाधा पैदा की थी.

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