बिहार, गुजरात और मध्यप्रदेश के एटीएम हुए ठन-ठन गोपाल…हर तरफ मचा हाहाकार

नई दिल्ली : नोटबंदी को दो साल से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी देश के कई राज्य नकदी की समस्या से जूझ रहे हैं. खासकर गुजरात, बिहार और मध्यप्रदेश में नकदी संकट पैदा हो गया है, जिसके कारण यहां के एटीएम खाली पड़े हुए हैं. जानकारी के मुताबिक इन राज्यों में रिजर्व बैंक की ओर से नकदी का प्रवाह घटने के कारण इस तरह के हालात पैदा हुए हैं. एक बैंक अधिकारी के मुताबिक तीनों राज्यों में नकदी की कमी को पूरा किया जा सके, जिसके लिए तमाम कोशिशें की जा रही है. सभी राज्यों की सरकारें आरबीआई से संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि जल्द से जल्द स्थिति को नियंत्रित किया जा सके.

हर जगह खाली है एटीएम क्या करें…?
पटना के गया घाट इलाके में रहने वाले शुभम एक छात्र हैं और घर से दूर रहकर पढ़ाई करने के लिए यहां आए हुए है. उनका कहना है कि वह पिछले एक सप्ताह से इलाके के हर एटीएम का चक्कर काट चुके हैं, लेकिन उन्हें कैश नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि कैश ना मिलने के कारण उन्हें घर सामान खरीदने से लेकर रोजाना के खर्चे उठाने में परेशानी हो रही है. वहीं, दानापुर में रहने वाले विक्रांत का कहना है कि एटीएम में कैश ना होने कारण उन्हें ऑफिस जाने में परेशानी हो रही है, क्योंकि पास तो महीने में एक बार बनता है लेकिन छोटे यात्रा खर्च उन्हें नकदी से उठाने पड़ते हैं, जिसके कारण उन्हें कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

बिना कैश के भी जिंदगी आसान! अभिशांत ने 200 दिन से नहीं किया नकदी का इस्तेमाल
शिवराज सिंह चौहन ने लगाया साजिश का आरोप
मध्यप्रदेश में नकदी संकट को प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने साजिश करार दिया है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नोटबंदी से पहले 15 लाख करोड़ रुपए की नकदी चलन में थी. इस प्रक्रिया (नोटबंदी) के बाद यह बढ़कर 16 लाख 50 हजार करोड़ रुपए हो गई. उन्होंने कहा कि बाजार से तेजी से 2000 रुपये के नोट गायब हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बातचीत जारी है.

तेजस्वी ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
बिहार विधानसभा में विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में कई दिनों से अधिकांश एटीएम बिल्कुल खाली हैं. लोगों के सामने गंभीर संकट आ गया है. साथ ही उन्होंने नोटबंदी को घोटाला बताते हुए कहा कि इसका असर इतना व्यापक है कि बैंको ने हाथ खड़े कर रखे हैं. लोगों को बैंकों में जमा अपने पैसे भी जरूरत के हिसाब से नहीं मिल पा रहे हैं. तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने सरकार से पूछा कि नए नोट सर्कुलेशन से गायब क्यों हैं? तेजस्वी के इस ट्वीट पर ट्विटर यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रिय दी है.

बिहार में 80 फीसदी नकदी की कमी
वहीं, बिहार कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद का कहना है कि बिहार-झारखंड में बैंक चेस्ट में कैपेसिटी से 80% कम नगदी बिहार-झारखंड में स्टेट बैंक के 110 करेंसी चेस्ट हैं, जिनकी क्षमता 12 हजार करोड़ रुपए की है, लेकिन यहां नकदी की उपलब्धता सिर्फ ढाई हजार करोड़ रुपए ही है. उन्होंने कहा का प्रदेश में 80 फीसदी नकद नोटों की कमी है. सदानंद ने इस कमी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. बिहार के भागलपुर जिले में कुल 667 एटीएम हैं, इनमें से 600 खाली पड़े हुए हैं. करेंसी चेस्ट के आगे कैश मैनेजमेंट सर्विस देने वाले वाहन अब खड़े होने लगे हैं. सिर्फ आदमपुर, विश्वविद्यालय, छोटी खंजरपुर स्थित एसबीआई मेन ब्रांच, राधा रानी सिन्हा रोड, कचहरी व तिलकामांझी चौक क्षेत्र के कुछ एटीएम ऐसे हैं जिनमें पैसे हैं.

खाली पड़े हैं गुजरात के ज्यादातर एटीएम
रिपोर्ट्स के मुताबिक गुजरात में 10 दिन पहले ही नकदी की कमी हो गई थी, जिसका असर लोगों को काफी दिनों बाद देखने को मिला. जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों गुजरात के बैंकों ने नकदी निकालने की सीमा तय कर दी थी, फिर भी अब तक वह नकदी की कमी की समस्या से उबर नहीं पाई है.

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