बिहार को ‘विशेष राज्य’ का दर्जा देने की मांग पर नीतीश अपना मौन तोड़ें : तारिक अनवर

नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सांसद तारिक अनवर ने कहा है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की पूर्ति के लिए यह माकूल समय है और राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़कर केन्द्र की एनडीए सरकार पर दबाव बनाना चाहिए. अनवर ने कहा कि केन्द्र और बिहार में एनडीए की सरकार है, इसलिए इस मांग को पूरा कराने का यह उचित अवसर है. उन्होंने कहा कि इसके उलट नीतीश कुमार एनडीए में शामिल होने के बाद इस मांग को लेकर मौन हो गए हैं.

‘एनसीपी बिहार के लिए विशेष दर्ज की मांग उठाएगी’
लोकसभा में पार्टी के नेता अनवर ने कहा कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग जिस तरह से वहां के सभी राजनीतिक दलों ने मुखरता से उठाई, उसी तर्ज पर एनसीपी संसद के मानसून सत्र में बिहार के लिए इस मांग को जोरशोर से उठाएगी. इसके लिए पार्टी इस मांग का समर्थन करने वाले दलों को लामबंद कर सरकार पर दबाव बनाएगी.

अनवर ने बिहार के विकास का हवाला देते हुए कहा कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष राज्य का दर्जा देना ही एक मात्र विकल्प है. इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भी लिखा है. पत्र में अनवर ने प्रधानमंत्री को बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य को 1.65 लाख करोड़ रुपये का पैकेज देने के वादे का भी ध्यान दिलाते हुए कहा कि अब तक घोषित राशि का एक अंश भी नहीं मिला है.

”एनडीए का हिस्सा बनने पर नीतीश अब इस मांग को लेकर चुप हैं’
उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के उपरांत महागठबंधन की सरकार बनने के बाद नीतीश ने इस मांग को लेकर राज्यव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रधानमंत्री के समक्ष यह मांग रखी थी. बाद में एनडीए का हिस्सा बनने पर नीतीश अब इस मांग को लेकर चुप हैं.

अनवर ने कहा कि एनसीपी बिहार के सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को जोड़कर इस मांग की पूर्ति के लिए व्यापक जनांदोलन शुरू करेगी. उन्होंने बताया कि एनसीपी ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सड़क से संसद तक यह मांग प्रभावी रूप से उठाने की पहल की है.

उन्होंने कहा कि एनसीपी इस आंदोलन में शामिल होने के लिये नीतीश से भी अपील करेगी. एनडीए में असहज महसूस कर रहे नीतीश के लिये संप्रग में वापसी की संभावना के सवाल पर अनवर ने कहा ‘‘नीतीश ने महागठबंधन से अलग होकर अपने रास्ते स्वयं बंद कर लिये हैं. नीतीश पर भरोसा नहीं किया जा सकता है इसलिये वह ऐसे मजबूर मुख्यमंत्री हैं जिसके पास अब कोई विकल्प नहीं है.’’

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