प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज़, फोन बिल जैसे रीइंबर्समेंट पर नहीं लगेगा GST

जीएसटी से संबंधित सभी फैसले जीएसटी काउंसिल करती है. अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएआर) का फैसला जीएसटी काउंसिल के लिए बाध्यकारी नहीं है.

नई दिल्ली: प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने साफ किया है कि फोन बिल जैसे रीइंबर्समेंट पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा. पहले खबर थी कि सरकार “अप्रत्यक्ष कमाई” को जीएसटी के दायरे में लाने का विचार कर रही है.

किन खर्चों के रीइंबर्समेंट पर नहीं लगेगा जीएसटी?

सरकार ने कहा है कि घर का किराया, टेलीफोन बिल, अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज के लिए प्रीमियम, स्वास्थ्य जांच, वाहन, जिम, पेशेवर पोशाक, मनोरंजन और इसी तरह के खर्चों के रीइंबर्समेंट पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा.

दरअसल हाल ही में अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग(एएआर) ने फैसला दिया कि कर्मचारियों के कैंटीन चार्जेज भी जीएसटी के दायरे में है. इसी के बाद से रीइंबर्समेंट को भी जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा था.

जीएसटी काउंसिल करती है जीएसटी से संबंधित सभी फैसले

बता दें कि जीएसटी से संबंधित सभी फैसले जीएसटी काउंसिल करती है. अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएआर) का फैसला जीएसटी काउंसिल के लिए बाध्यकारी नहीं है. एएआर वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आता है और इसका अधिकतर काम इनकम टैक्स विभाग से संबंधित होता है.

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