सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने बनाई समिति, NSA के साथ तीनों सेना प्रमुख शामिल

अधिकारियों ने कहा कि समिति राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति और सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय रक्षा भागीदारी रणनीति का मसौदा और रक्षा निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का खाका तैयार करेगी.

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सैन्य सिद्धांतों पर ध्यान देने के अलावा रक्षा बलों के लिए समग्र योजना के लिहाज से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) की अध्यक्षता में रक्षा नियोजन समिति (डीपीसी) का गठन किया है. अधिकारियों ने कहा कि एनएसए के अलावा समिति में विदेश सचिव, स्टाफ कमेटी के प्रमुखों के चेयरमैन, सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुख तथा वित्त मंत्रालय में सचिव (व्यय) शामिल हैं. डीपीसी के अध्यक्ष जरूरत के हिसाब से विशेषज्ञों को शामिल कर सकते हैं. अधिकारियों ने कहा कि समिति राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति और सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय रक्षा भागीदारी रणनीति का मसौदा और रक्षा निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का खाका तैयार करेगी.

सीतारमण ने अरुणाचल, असम का दौरा किया
वहीं दूसरी ओर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार (19 अप्रैल) को अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में भारतीय वायुसेना के एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड (एएलजी) का निरीक्षण करने के लिए भारत-चीन सीमा का दौरा किया. यहां एक रक्षा प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. सीतारमण ने असम के डिब्रूगढ़ में चाबुआ वायुसेना बेस स्टेशन का भी दौरा किया और गगन शक्ति अभ्यास 2018 का जायजा लिया. यह अभ्यास अपने दूसरे चरण में है.

रक्षा मंत्री ने सीतारमण ने ट्वीट किया, ‘‘गगन शक्ति 2018 का पैमाना और इसकी संभावनाएं विशाल हैं और ऐसा इससे पहले नहीं हुआ. यहां सिर्फ झलकियां हैं. भारतीय वायुसेना, वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ और वायुसेना के सभी योद्धाओं को बधाई.’’

Nirmala Sitharaman

@nsitharaman
The scale and scope of #GaganShakti2018 is enormous & like never-before. Given here are only glimpses. Kudos to @IAF_MCC, CAS Air Chief Marshal BS Dhanoa and to all #AirWarriors. @DefenceMinIndia

7:10 PM – Apr 19, 2018
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रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन पांडे ने कहा कि मंत्री ने पासीघाट में एसयू -30 एमकेआई लड़ाकू विमान, सी -17 ग्लोबमास्टर विमान और एमआई -17 वी 5 हेलीकॉप्टरों पर रॉकेट लोड किए जाने का जायजा लिया. उन्होंने वायुसेना के गरुड़ कमांडो की ड्रिल भी देखी.

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