12 साल तक की बच्ची से रेप पर मौत की सजा, आज कैबिनेट में अध्यादेश ला सकती है मोदी सरकार

पॉक्सो कानून के आज के प्रावधानों के अनुसार इस जघन्य अपराध के लिए अधिकतम सजा उम्रकैद है, न्यूनतम सजा सात साल की जेल है.

नई दिल्ली: कठुआ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से बच्चों के साथ हो रहे बलात्कार को लेकर सरकार अब हरकत में आती दिख रही है. 12 साल तक की बच्ची के साथ रेप के दोषी को मौत की सजा के लिए सरकार आज अध्यादेश ला सकती है.

आज केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार बच्चों के यौन अपराधों के कानून पॉक्सो में बदलाव कर सकती है. कानून में बदलाव करके बच्चों के बलात्कार के दोषियों को फांसी की सजा का प्रावधान किये जाने की संभावना है. कानून में बदलाव को लेकर आज एक अध्यादेश को मंजूरी मिल सकती है.

पॉक्सो कानून के आज के प्रावधानों के अनुसार इस जघन्य अपराध के लिए अधिकतम सजा उम्रकैद है, न्यूनतम सजा सात साल की जेल है. दिसंबर 2012 के निर्भया मामले के बाद जब कानूनों में संशोधन किये गये. इसमें बलात्कार के बाद महिला की मृत्यु हो जाने या उसके मृतप्राय होने के मामले में एक अध्यादेश के माध्यम से मौत की सजा का प्रावधान शामिल किया गया जो बाद में आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम बन गया.

भगोड़े अपराधियों पर भी आ सकता है कानून
इसके साथ ही नीरव मोदी, विजय माल्या जैसे भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार अध्यादेश ला सकती है. गौतलब है कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक 2018 लोकसभा में पेंडिग है. ये बिल संसद के बजट सत्र में पेश किया गया था लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते इसे पारित नहीं किया जा सका था. केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक सुबह 11.30 बजे शुरु होगी.

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