ब्रह्मपुत्र, सतलज में प्रवाह के आंकड़े साझा करने के लिए चीन तैयार: सुषमा स्वराज

दोनों देशों के सैनिकों के बीच डोकलाम क्षेत्र में तनातनी के बाद से चीन ने इन नदियों के प्रवाह की स्थित की सूचनाएं भारत के साथ साझा करने का सिलसिला बंद कर दिया था.

बीजिंग: चीन ने भारत के साथ ब्रह्मपुत्र और सतलज नदी में जल प्रवाह से संबंधित ( हाइड्रोलॉजिकल ) आंकड़ों को साझा करने की व्यवस्था फिर शुरू करने पर सहमति जताई है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को इसकी जानकारी दी. दोनों देशों के सैनिकों के बीच डोकलाम क्षेत्र में तनातनी के बाद से चीन ने इन नदियों के प्रवाह की स्थित की सूचनाएं भारत के साथ साझा करने का सिलसिला बंद कर दिया था जबकि ये आंकड़े बाढ़ आदि का पूर्वानुमान लगाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं.

सुषमा ने की वांग यी से मुलाकात
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ ) की विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए सुषमा स्वराज कल यहां चार दिवसीय यात्रा पर पहुंचीं. स्वराज ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की. दोनों के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों तथा संबंधों को सुधारने के लिए उच्च – स्तरीय वार्ता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई.

स्वराज ने वांग के साथ संयुक्त मीडिया कार्यक्रम में कहा , ” मैं 2018 में ब्रह्मपुत्र और सतलज नदी से जुड़े आंकड़े फिर से साझा करने के चीन के कदम की प्रशंसा करती हूं क्योंकि यह मुद्दा सीधे इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों से जुड़ा है.

पिछले महीने , भारत के जल संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर अपने चीनी समकक्षों से बात की थी. मौजूदा द्विपक्षीय समझौता व्यवस्था के तहत , चीन बाढ़ के मौसम के दौरान भारत को ब्रह्मपुत्र नदी और सतलज नदी की जल प्रवाह संबंधी जानकारी प्रदान करता है.

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