राहुल गांधी का दिया ‘मसाला, अचार-पापड़’ मीडिया को ज्‍यादा भा रहा: शिवसेना

publiclive.co.in[Edited by:रंजीत]
मुंबई: भाजपा (BJP) नेताओं की अनावश्‍यक बयानबाजी पर शिवसेना ने भी तंज किया है. उसने न सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बल्कि मीडिया को भी लपेटा है. पार्टी ने कहा कि एक तरफ पीएम ने भाजपा नेताओं को बेतुके बोल बोलने से रोक कर खुद ही मीडिया को मसाला दे दिया तो वहीं मीडिया भी अब मोदी की बजाय राहुल गांधी के अचार-पापड़ में उलझ गया है. शिवसेना ने कहा कि मोदी जी की पहले भी चेतावनी बेअसर रही है. बेमतलब बयानबाजी करने वाले भाजपा नेताओं को दरअसल मोदी ने ही ‘प्रेरित’ किया है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने रविवार को भाजपा नेताओं और मंत्रियों से ‘गैर जिम्मेदाराना’ बयानबाजी से बचने को कहा था. उन्होंने कहा था कि इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है.

मोदी की फटकार का फायदा नहीं
शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में संपादकीय में कहा, ‘पार्टी की बैठकों में इस तरह का फरमान पहले भी दिया गया है, लेकिन वे बेकार साबित हुए हैं क्योंकि भाजपा नेताओं के मन में जो भी आता है, वे बोलते हैं. भाजपा नेताओं और मंत्रियों को हमारे प्रधानमंत्री ने, जो भी मन में आए वह बोलो, के लिये प्रेरित किया है.’ मीडिया की भूमिका पर शिवसेना ने लिखा, ‘हाल तक मोदी ने खुद मीडिया को ‘मसाला’ दिया है. अब मीडिया महसूस करता है कि (कांग्रेस अध्यक्ष) राहुल गांधी और अन्य द्वारा दिया गया मसाला, अचार और पापड़ बेहतर है.’ मोदी ने रविवार को भाजपा सांसदों, विधायकों और अन्य प्रतिनिधियों की बैठक में कहा था कि कई बार नेता बयान देने के लिये मीडिया के सामने आ जाते हैं और ‘मसाला’ दे देते हैं.

गंगवार का बयान महिलाओं का अपमान
‘सामना’ ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता संतोष गंगवार की भी उनके कथित बयान के लिये आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत जैसे बड़े देश में बलात्कार के एक या दो मामलों के लिये हल्ला नहीं मचाया जाना चाहिये. शिवसेना ने कहा कि गंगवार का बयान महिलाओं का अपमान करने वाला है और उसने आश्चर्य जताया कि कोई क्यों उनका इस्तीफा नहीं मांग रहा है.

दिवंगत मंत्री को देना पड़ा था इस्‍तीफा
सामना में लेख में शिवसेना ने कहा, ‘मुंबई पर 26 नवंबर को हुए हमले के बाद राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री दिवंगत आरआर पाटिल ने कहा था कि बड़े-बड़े शहरों में इस तरह की छोटी घटनाएं हो जाती हैं. इस बयान को लेकर काफी हंगामा हुआ था और पाटिल को इस्तीफा देना पड़ा था.’ सामना ने कहा, ‘गंगवार का अपराध कहीं अधिक गंभीर है. इसके बावजूद वह पद पर बने हुए हैं और किसी ने महिलाओं का अपमान करने के लिये उनसे इस्तीफा नहीं मांगा है.’ शिवसेना महाराष्ट्र और केंद्र में भाजपा नीत सरकारों में भाजपा की सहयोगी है, लेकिन विभिन्न मुद्दों पर भगवा पार्टी के नेताओं को निशाना बनाती रहती है.

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