क्या ब्लड ग्रुप के अनुसार है आपका डाइट, अगर नहीं तो आज से करें शुरू

अगर अपने शरीर के हिसाब से डाइटिंग की जाए तो ये आपके लिए सबसे अधिक फायदेमंद होता है. अगर आपको पता हो कि आपके शरीर को किस तरह के डाइट की जरूरत है और वैसी ही डाइट फॉलो की जाए तो ये आपके शरीर के लिए कई मायनों में अच्छा है.

वैसे तो लोग अक्सर फिट रहने के लिए या वजन कम करने के लिए डाइटिंग करते हैं. लेकिन आज हम आपको ब्लड डाइटिंग के बारे में बताने जा रहे हैं. ब्लड डाइटिंग असल में अपने ब्लड ग्रुप के हिसाब से डाइटिंग को ब्लड डाइटिंग कहते हैं. इसके हिसाब से डाइटिंग करने से ना सिर्फ आप फिट रहेंगे बल्कि जल्दी वजन भी घटेगा. आप भी आगे देखिए कि ब्लड ग्रुप के हिसाब से आपकी डाइटिंग कैसी होनी चाहिए.

ब्लड ग्रुप O
जिनका ब्लड ग्रुप A होता है उनके पेट में होने वाले एसिड जैसे अल्कालाइन, फोस्फेट, लीपोप्रोटीन apob48 का सीक्रीशन अधिक होता है. इन एसिड की वजह से पाचन तंत्र में समस्या होती है. इसकी वजह से गैस्ट्रिक अल्सर और थाइरॉयड होने की संभावना होती है. इसलिए O ब्लडग्रुप के लोगों को एंटीऑक्सिडेंट, प्रोबियोटिक्स को शामिल करें और साथ ही कम मसालेदार खाने को अधिक तरजीह दें.
अपनी डाइट में सब्जियां, फल, डेयरी प्रोड्क्ट, चिकन, अंडे, मछली आदि शामिल करें. जितना अधिक हो सके कैफिन, चॉकलेट और शराब से दूर रहें.

ब्लड ग्रुप A
A ब्लड ग्रुप के लोगों को डायबिटीज और मोटापा का खतरा अधिक होता है.इस ब्लड ग्रुप के लोगों में स्टमक एसिड कम होता है इसलिए पाचन में आसानी होती है और मेटाबॉलिज्म भी अच्छा होता है.

A ब्लड ग्रुप के लोगों को सेंसेटिव इम्यून सिस्टम होता है इसलिए इन्हें मछली, दाल, फल और सब्जियां आदि खाना चाहिए.A ब्लड ग्रुप के लोगों को मीट, डेयरी प्रोड्क्ट आदि नजरअंदाज करना चाहिए या कम मात्रा में लेना चाहिए.

ब्लड ग्रुप B
B ब्लड ग्रुप के में कोरिस्टॉल का लेवल साधारण से अधिक होता है इसलिए इनमें मोटापा, डायबिटीज और इनफ्लेमेटरी बीमारियां होने की संभावना अधिक होती है. इनके लिए अधिक प्रोटीन युक्त भोजन और कम कार्बोहाइड्रेट और फैट खाने की सलाह दी जाती है.

जैसे अंडे की सफेदी, चिकन डाइट का हिस्सा होना चाहिए. B ब्लड ग्रुप के लोगों को मछली, प्रॉन, क्रैब और बीफ को नजरअंदाज करना चाहिए. इसके साथ ही शराब भी इनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है.

AB ब्लड ग्रुप
AB ब्लड ग्रुप के लोगों में स्टमक एसिड कम मात्रा में सीक्रीट होती है इसलिए पाचन से जुड़ी समस्या होने की अधिक संभावना होती है.AB ब्लड ग्रुप के लोगों की डाइट में अधिक से अधिक फ्रेश सब्जियां और फल होना चाहिए.

थोड़ी मात्रा में लेकिन थोड़ी-थोड़ी देर पर खाना चाहिए. इन्हें मीट,वसायुक्त मसालेदार खाने जो पचने में अधिक समय लगाएं उन्हें खाने से बचना चाहिए.

क्या हैं ब्लड टाइप डाइट के फायदे
अपने ब्लड टाइप के अनुसार डाइट से आप वजन कम कर सकते हैं. फाइबर और प्रोटीन युक्त भोजन से आप आसानी से वजन भी कम कर सकते हैं. ब्लड टाइप डाइट के अलावा अगर आप अपनी डाइट से प्रोसेस्ड फूड हटाकर हेल्दी फूड की मात्रा बढ़ाएं तो इम्यूनिटी भी अच्छी होती है.

अपनी डाइट के अनुसार ब्लड ग्रुप फॉलो करने से सिर में दर्द, अस्थमा, दर्द और बाकी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं.

ब्लड टाइप डाइट में सावधानी
ब्लड टाइप डाइट के भी कुछ नुकसान है इसलिए आपको सावधानी बरतने की जरूरत होती है. यहां नीचे पढ़ें ब्लड टाइप डाइट में ध्यान देने लायक बातें:
1.ब्लड टाइप डाइट को कुछ महीनों के बाद फॉलो करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि आप कई खाने की चीजों से वंचित रह जाते हैं.
2.इसमें भोजन को लेकर किसी तरह की वरीयता नहीं होती. आपको पूरी तरह से डाइट को फॉलो करना चाहिए.
3. इस डाइट में मेडिकल से जुड़ी या एलर्जी को नहीं माना जाता है इसलिए आपको खुद इन बातों का ध्यान रखना होता है कि
4. हमेशा डाइट के दौरान प्रोफेशनल डाइटिशियन के संपर्क में रहें और उनकी सलाहों को मानें.

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