महिला के लिए नए एवम सुचारू कानून की मांग

publiclive.co.in[Edited byः रंजीत]

सेवा में
श्रीमती मेनका गांधी जी ( महिला एवं बाल कल्याण मंत्री )

विषय: महिलाओं के लिए कानून में सुधार एवं आधुनिकता हेतु सुझाव पत्र,

आदरणीय महिला कल्याण मंत्री श्रीमती मेनका गांघी जी मैं रवि यादव पत्रकार PUBLICLIVE आज हमारे समाज मे महिलाओं के साथ हो रहे बर्बरता और दरिंदगी से आपको अवगत कराने की कोई आवश्यकता नही है,
पतन्तु फिर भी एक बार आपका ध्यान अपनी बातों की तरफ आकर्षित करना चाहूंगा।
महोदया आप का कार्यकाल बहुत ही स्वर्णिम रहा है,लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण कहे या हमारे समाज की हकीकत पिछले चंद महीनों में हर दिन सबके सामने आ रही है,
श्रीमती जी यदि इस प्रकार से निरंतर हमारे समाज को खोखला बनाया जाएगा तो वो दिन अब ज्यादा दूर नही है जब हम सृष्टि के सबसे शक्तिशाली सबसे परोपकारी समाज को खो देंगे,
कितने शर्म की बात है कि हम हमारे देश की पहचान, विरासत,सभ्यता, संस्कृति, आज हम इन्हें रोज तार तार होते देख रहे है,
पुरुषवादी समाज हर दिन महिलाओ को कमजोर और असहाय साबित करने पर लगा है,
सबके संज्ञान के लिए ये बता दु आज हमारे देश की महिला किसी भी क्षेत्र में पुरुष से पीछे नही है ,
चाहे वह सैन्य दल हो या आद्योगिक क्षेत्र और तो और राजनीति में भी महिलाओं की सक्रियता किसी से छुपी नही है,
महोदय यदि वो हर कार्य मे कुशल एवं सक्षम है तो हम उन्हें क्यों लाचार बना के रखे,
महोदया आप खुद भी बहुत नरम स्वभाव की है आप इन पीड़िताओं का दर्द भली भांति समझ सकती हो,
श्रीमती महिला कल्याण मंत्री जी आप से आपके कार्यकुशलता को देखते हुए उम्मीद और भी बढ़ जाती है कि आप अब महिला समाज को उभारने में और भी सक्रियता दिखाएंगी।
परम आदरणीय मंत्री जी आप बहूत ही बहादुर एवं सच के लिए अपने हक लिए लड़ने वाली महिलाओं में से एक हो महोदया अब आपको ही महिला समाज के लिए आगे आना होगा।
बलात्कार जैसे घटनाओं को रोकने हेतु अब अत्यंत जरूरी हो गया है कि कठोर कानून पारित किया जाए।
जिससे पूरे समाज में एक कठोर संदेश जाए,
महोदया ये हमे जन्म देने वाली है ना कि सड़कों पर नोच कर खाएं जाने के लिए है।
कितने गर्व की बात है हमारे देश का नाम भी इसी वर्ग से आता है।
महोदया कहीं न कहीं हमसे कोई न कोई चूक जरूर हो रही है, ऐसे दरिंदो को सबक सिखाने में।
मैं ये नही कहता कि हमारा क़ानून भ्रष्ट है लेकिन एक सच ये भी है कि ये अपना काम समान रूप से नही कर रहे है।
ऐसे हजारो केस में आपने भी देखा एवं सुना अवश्य होगा।
जब हम कानून के पास जाने में हितकिचाते है तो जाहिर सी बात है लोगों का भरोसा जरूर टुटा है।
हमे सबसे पहले अपनी ये छवि सुधारने की आवश्यकता है।
समाज को महिलाओं के बारे में जो भी गलत भावना है उसे अब बदलने का वक़्त आ गया है।
यदि अब भी हम लाचार बैठे रहे तो निश्चय ही सृस्टि से एक बहित ही विशेष वर्ग को खो देंगे।
आशा करता हूँ कि आप मेरी बातों पर जरूर ध्यान आकर्षित करेंगी।
हमे जागना होगा हमे हर वर्ग को भी जगाना होगा।
महिला किसी खेलने की चीज नही ये अब दुनिया को बताना होगा।

जय हिंद

रवि यादव

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