कर्नाटक : फर्जी वोटर कार्ड मामले में दो गिरफ्तार, चुनाव आयोग से मिला BJP प्रतिनिधिमंडल

publiclive.co.in[Edited byः रंजीत]

नई दिल्ली : कर्नाटक में फर्जी वोटर कार्ड मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. कांग्रेस और बीजेपी इस मामले में एकदूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. इस मामले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उधर, बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग से मिला. बीजेपी ने राज राजेश्वरी सीट का चुनाव रद्द करने की मांग की है. बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए फर्जीवाड़े पर उतर आई है. कांग्रेस का आरोप है कि जिस फ्लैट से वोटर कार्ड मिले हैं, वह एक बीजेपी नेता का है.

बता दें कि मंगलवार की रात राजराजेश्वरी विधानसभा क्षेत्र के एक फ्लैट से करीब 10 हजार फर्जी मतदाता पहचान पत्र बरामद किए थे. इसमें करीब 9746 हजार पहचान पत्र असली थे. फ्लैट से वोटर आईडी कार्ड के अलावा कंप्यूटर और प्रिंटर तथा छपाई सामग्री बरामद की है. इतनी बड़ी संख्या में फर्जी पहचान पत्र मिलने से कर्नाटक के साथ-साथ देश की राजनीति में तूफान आ गया. कांग्रेस और बीजेपी एकदूसरे पर चुनावों में धांधली करने का आरोप लगाने लगे. यह फ्लैट के बीजेपी नेता का बताया जा रहा है.

बीजेपी ने चुनाव रद्द करने की मांग करते हुए दावा किया कि इस रैकेट के पीछे कांग्रेस का हाथ है, जबकि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप को झूठ बताते हुए खारिज कर दिया. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा विधायक मुनिरत्न नायडू इस कथित रैकेट के पीछे हैं और इसका पर्दाफाश भाजपा कार्यकर्ता राकेश ने किया है.

जावड़ेकर ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा रैकेट की जानकारी दिए जाने के बाद पुलिस ने होलोग्राम के साथ हजारों की संख्या में फर्जी मतदाता पहचान पत्र, लेमिनेशन मशीन और कंप्यूटर जब्त किए. उन्होंने पूरे मामले की व्यापक फोरेंसिक जांच की मांग की. उन्होंने दावा किया कि फर्जी मतदाता पहचान पत्र छापने की फैक्टरी मंजुला के फ्लैट में चलायी जा रही थी. मंजुला एक समय भाजपा से जुड़ी थी किंतु अब वह कांग्रेस के साथ है. उन्होंने मंजुला को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग की.

उधर, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि फ्लैट की मालिक मंजुला नन्जमारी और राकेश का संबंध भाजपा से है. दोनों ने भाजपा के टिकट पर बेंगलुरू नगर निकाय का चुनाव लड़ा था. सुरजेवाला ने कहा कि प्रकाश जावड़ेकर में झूठ बोलने तथा कर्नाटक के लोगों को यह कहकर गुमराह करने का दुस्साहस है कि मंजुला का सम्बन्ध भाजपा से नहीं है. वह पूर्व भाजपा पार्षद है तथ राकेश भी 2015 में भाजपा के टिकट पर निगम का चुनाव लड़ चुका है.

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने मंगलवार को देर रात संवाददाता सम्मेलन बुलाकर बताया कि कार्ड के अलावा, फार्म 6-ए (विदेशी मतदाता द्वारा मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन) तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज मिले हैं. उन्होंने कहा कि काउंटर फाइल का रंग संदिग्ध है और मामले की जांच की जा रही है. कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी और कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित एक विज्ञप्ति में कहा गया कि इस फ्लैट का स्वामित्व मंजुला नन्जमारी नामक व्यक्ति के पास है और उसे राकेश नामक व्यक्ति को किराए पर दिया गया है. संजीव कुमार ने बताया कि वे सच की खोज कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि कोई भी उनके सिस्टम को तोड़ नहीं सकता.

उधर, दिल्ली में इस मामले को लेकर बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की. इस प्रतिनिधिमंडल में स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान, एसएस अहलूवालिया, जेपी नड्डा और मुख्तार अब्बास नकवी शामिल थे.

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