जिन्ना विवाद पर बोले AMU कुलपति, ’80 सालों के बाद अब क्यों हो रहा है विवाद’

publiclive.co.in [Edited by रंजीत ]

एएमयू में जिन्ना की तस्वीर को हटाने को लेकर छिड़े विवाद के बीच यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर तारिक़ मंसूर का कहना है कि कुछ ताकतें यूनिवर्सिटी की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘साल 1938 से एएमयू में जिन्ना की तस्वीर ऐसे ही लगी है, जिसको लेकर आज तक किसी को कोई चिंता नहीं थी. जिन्ना की तस्वीर न केवल एएमयू बल्कि बॅाम्बे हाईकोर्ट और साबरमती आश्रम में भी लगी है’.

आपको बता दें कि जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर छिड़े विवाद के बीच एएमयू के छात्रों का प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी रहा. एएमयू प्रशासन की ओर से गठित ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने छात्रों का धरना प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन छात्र नहीं मानें. छात्रों पर लाठीचार्ज और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हजारों छात्रों ने यूनिवर्सिटी के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस पर प्रदर्शन किया.

एएमयू की शांति भंग करना मकसद: कुलपति
एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक़ मंसूर ने कहा कि 2 मई को हुए हंगामे का मकसद एएमयू की शांति भंग करना था. उन्होंने कहा कि जिन्ना की तस्वीर न केवल एएमयू बल्कि बॅाम्बे हाईकोर्ट और साबरमती आश्रम में भी लगी है’. उन्होंने कहा कि जिन्ना का मुद्दा कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. पिछले 80 सालों से जिन्ना की फोटो लगी है तो अब उसका विरोध क्यों हो रहा है? उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की मांग भी की है.

उपद्रवियों पर होगी सख्त कार्रवाई: डीएम
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की टीमें जुलूस, प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए हैं. उन्होंने बताया कि धरना या जुलूस में भड़काऊ भाषण देने वालों पर भी नजर रखी जा रही है.

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