कर्नाटक चुनाव में अगर कांग्रेस को नहीं मिला बहुमत, तो जेडीएस का होगा ये प्लान

publiclive.co.in[Edited by रंजीत]

नई दिल्ली : कर्नाटक चुनाव के लिए वोटिंग हो चुकी है. कर्नाटक विधानसभा के लिए 70 प्रतिशत से ज्यादा वोटर्स ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. 224 में से 222 सीटों के लिए वोटिंग हुई. वोटिंग के बाद अलग अलग चैनलों एग्जिट पोल में त्रिशंकु विधानसभा के आसार नजर आ रहे हैं. सात एग्जिट पोल में से पांच में किसी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. इसमें कहा जा रहा है कि राज्य में देवेगौड़ा की पार्टी जेडीएस किंगमेकर की भूमिका में आ सकती है. माना जा रहा है कि कांग्रेस और भाजपा सत्ता के लिए जरूरी बहुमत तक नहीं पहुंच पाएंगीं.

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कुल 224 सीटें हैं और बहुमत के लिए 112 सीटें जरूरी हैं. ऐसे में जब किसी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है तो जेडीएस का रुख परिणाम घोषित होने के बाद क्या रहेगा. जेडीएस के प्रवक्ता दानिश अली का कहना है कि परिणामों के बाद कांग्रेस की जिम्मेदारी ज्यादा होगी, वह समर्थन के लिए कोशिश करे. एग्जिट पोल में जेडीएस तीसरे नंबर की पार्टी बनती दिख रही है. जिसकी भविष्यवाणी पहले भी की गई थी. लेकिन वह ऐसे में भी सबसे अहम भूमिका निभाएगी.

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पूरे चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ये कहते रहे कि जेडीएस इस चुनाव में भाजपा की बी टीम की तरह काम कर रही है. हालांकि देवेगौड़ा खुद इस तरह के आरोप नकारते रहे. उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी भाजा और कांग्रेस दोनों को हराएगी. इसके साथ ही वह किसी को समर्थन नहीं देगी. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जेडीएस के जनरल सेक्रेटरी और प्रवक्ता दानिश अली ने एग्जिट पोल पर जवाब देते हुए कहा, भाजपा के साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता, अगर कांग्रेस को 100 से कम सीटें मिलती हैं, तो यह कांग्रेस की जिम्मेदारी है. उसे 2019 का चुनाव कैसे लड़ना है. यह सिर्फ जेडीएस की अकेले की जिम्मेदारी नहीं है कि वह हर समय अपने धर्मनिरपेक्ष होने का प्रमाण देती रही.

कांग्रेस से जेडीएस की शिकायत
भले जेडीएस कांग्रेस के प्रति नरम रुख दिखा रही हो, लेकिन वह उसके व्यवहार से खुश भी नहीं है. दानिश अली का कहना है कि भाजपा के खिलाफ हमेशा जेडीएस ने कांग्रेस की मदद की है. लेकिन इसके बदले में हमे कांग्रेस से कभी उसी तरह की मदद नहीं मिली. दानिश अली कहते हैं कि कांग्रेस अपनी पूरी ऊर्जा क्षेत्रीय दलों को खत्म करने में लगा रही है. अगर ऐसा नहीं होता तो आज वह 20 राज्यों में अपनी सत्ता भाजपा के हाथों क्यों गंवाती.

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