‘सबसे बड़ी पार्टी को बुलाएं राज्यपाल, लेकिन MLAs की खरीद-फरोख्त न होने दें’

Www.publiclive.co.in [Edited by विजय दुबे]

पूर्व अटॉर्नी जनरल और ख्यात न्यायविद सोली सोराबजी ने कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर जारी उठापटक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को सरकार गठन के लिए बुलाना चाहिए और उन्हें निश्चित समय में बहुमत सिद्ध करने के लिए कहा जाना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि राज्यपाल ये भी सुनिश्चित करें कि विधायकों की खरीद फरोख्त न हो.

उन्होंने कहा कि इसके कोई मायने नहीं हैं कि गठबंधन वाली पार्टियों के पास बहुमत है, पहले सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाया जाना चाहिए. गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने गठन के वाकयों पर उन्होंने कहा कि ये राज्यपाल की समझ है, लेकिन प्रोटोकॉल ये है.

बता दें कि कर्नाटक चुनाव ने त्रिशंकु विधानसभा के नतीजे दिए हैं, जिसमें बीजेपी को 104 सीटों पर जीत मिली है, जबकि कांग्रेस ने 78 और जेडीएस ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी और केपीजेपी को क्रमशः 1-1 सीटों पर जीत हासिल हुई है. साथ ही एक सीट अन्य के हिस्से में आई है.

हालांकि बीजेपी का दावा है कि उसके संपर्क में जेडीएस-कांग्रेस के विधायक हैं, तो वहीं कांग्रेस अपने विधायकों को रिजॉर्ट में ले जा सकती है. बेंगलुरु में बुधवार को बैठकों का दौर जारी है, कांग्रेस-जेडीएस-बीजेपी अपने विधायकों के साथ बैठक करने में लगे हुए हैं.

लिंगायत मठों की मदद ले रही बीजेपी!

भारतीय जनता पार्टी कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए पूरे जोर लगा रही है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी कांग्रेस के लिंगायत विधायकों के संपर्क में हैं. इसके लिए पार्टी लिंगायत मठों से संपर्क साध रही है, जिससे लिंगायत समुदाय के विधायक येदियुरप्पा के संपर्क में आ जाएं.

इसके अलावा बीजेपी को राज्यपाल के फैसले का भी इंतजार है. देखना ये है कि राज्यपाल सरकार बनाने के लिए पहले किसे न्यौता देते हैं.
कर्नाटक BJP विधायकों ने येदियुरप्पा को अपना नेता चुना

कर्नाटक के नवनिर्वाचित भाजपा विधायकों ने बुधवार को बी.एस. येदियुरप्पा को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुन लिया. पार्टी के प्रवक्ता एस. शांताराम ने इसकी जानकारी दी. येदियुरप्पा ने कहा, “हम राज्यपाल वजुभाई आर. वाला से मुलाकात करेंगे और सरकार गठन का दावा पेश करेंगे.”

राज्य विधानसभा की 224 सीटों में से 222 पर चुनाव हुए थे जिनमें से 104 सीटों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, और सामान्य बहुमत से वह आठ सीट पीछे है.

कांग्रेस 78 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर और 38 सीटों के साथ जनता दल (सेक्युलर) तीसरे स्थान पर है. चुनाव के इन नतीजों के साथ कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति सामने आई है.

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