समझें कर्नाटक का नंबर गेम, सिर्फ ये स्थिति बनी तभी बचेगी येदियुरप्पा की कुर्सी

publiclive.co.in [Edited By रंजीत]

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में सरकार बना चुकी बीजेपी और बीएस येदियुरप्पा को बड़ा झटका दिया है. अदालत ने शनिवार शाम 4 बजे से पहले फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया है. इससे पहले राज्यपाल वजुभाई वाला ने येदियुरप्पा सरकार को शपथ दिलाते हुए बहुमत परीक्षण के लिए 15 दिन का समय दिया था. ऐसे में अब कर्नाटक में नंबर गेम काफी अहम हो गया है.

क्या है अभी दलगत स्थिति?

कर्नाटक विधानसभा में 222 सीटों के लिए चुनाव हुए हैं. यानी बहुमत के लिए 112 सीटों की जरूरत होगी. बीजेपी के 104 विधायक जीतकर आए हैं. जेडीएस के 37 और कांग्रेस के 78 विधायक और 3 अन्य जीत कर आए हैं. यानी बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी को अभी भी 8 विधायकों की जरूरत पड़ेगी. लेकिन जेडीएस के कुमारस्वामी दो सीटों से जीतकर विधायक बने हैं. ऐसे में उन्हें एक सीट से इस्तीफा देना पड़ेगा. तो फिर 221 सीट के लिहाज से बीजेपी को 111 सीटों की जरूरत पड़ेगी बहुमत साबित करने के लिए .

कांग्रेस के कई विधायक संपर्क में नहीं

बहुमत की जोड़तोड़ के बीच कांग्रेस और जेडीएस ने अपने विधायकों को बस में ले जाकर हैदराबाद के होटल में रखा है. कांग्रेस और जेडीएस का दावा है कि उनके पास 115 विधायक हैं. केवल एक विधायक आनंद सिंह साथ मौजूद नहीं है. हालांकि, उनके समर्थन पत्र का दावा भी कांग्रेस कर रही है.

बीजेपी के पास कहां से आएंगे 7 विधायक?

दूसरी ओर बीजेपी दावा कर रही है कि उसके पास बहुमत है. पार्टी के इस दावे के पीछे कई अटकलें लगाई जा रही हैं. ऐसा तभी हो सकता है जब फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस और जेडीएस के कई विधायक गैरहाजिर रह जाएं. ये संख्या भी कम से कम 14 होनी चाहिए. तभी बहुमत 207 सीटों के आधार पर आंका जाएगा यानी इतने सदस्यों की विधानसभा में उपस्थिति के आधार पर. लेकिन बीजेपी ये स्थिति कैसे बनाएगी इसपर सबकी नजर होगी.

कांग्रेस के लिंगायत विधायकों पर बीजेपी की नजर

बहुमत के लिए जरूरी मैजिक नंबर को हासिल करने के लिए बीजेपी की नजर जेडीएस और कांग्रेस के कुछ विधायकों पर है. जिन्हें फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन से गैरहाजिर रखकर बीजेपी अपने लिए स्थिति अनुकूल बना सकती है. अटकलों के अनुसार लिंगायत समुदाय से आने वाले कांग्रेस के 7 विधायक गैरहाजिर रह सकते हैं. क्योंकि कर्नाटक में लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय के बीच अदावत की कहानी पुरानी है. कुमारस्वामी को कांग्रेस सीएम पद पर लाना चाहती है जो कि वोक्कलिगा समुदाय से हैं. येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय से आते हैं और लगातार लिंगायत मठों के जरिए कांग्रेस के लिंगायत विधायकों को साधने की कोशिश कर रहे हैं.

ये भी बन सकते हैं किंगमेकर

इसके अलावा बीजेपी की नजर, दो निर्दलीय विधायकों और एक बसपा विधायक पर भी है. हालांकि ये सभी अभी कांग्रेस-जेडीएस के पाले में दिख रहे हैं लेकिन फ्लोर टेस्ट तक इनपर नजर बनाए रखनी होगी

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