चीन की सैन्य चुनौतियों से निपटने के लिए ताइवान बढ़ाएगा सुरक्षा

publiclive.co.in[Edited by रंजीत]

ताइपे: ताइवान की राष्ट्रपति ने रविवार (20 मई) को कहा कि उनकी सरकार चीन की सैन्य चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा उपाय बेहतर करेगी. राष्ट्रपति टाई इंग-वेन ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी. हालांकि उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन उनकी सरकार ने चीन के खतरे को देखते हुए घरेलू शस्त्र उद्योग के विकास को बढ़ावा दिया है.

चीन द्वीपीय देश के अपना क्षेत्र होने का दावा करता है और उसके तट के पास लड़ाकू विमान भेजे हैं. राष्ट्रपति ने लोगों के सवालों के जवाब में लिखा, ‘‘हम पूरे समाज की सुरक्षा के लिए अपना काम मजबूत करेंगे और मेरी सरकार चीन के इन कारकों पर खासतौर से ध्यान देगी.’’

चीन और ताइवान 1949 में एक गृह युद्ध के बाद अलग हो गए थे. दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश से जुड़े संबंध हैं, लेकिन कोई आधिकारिक संबंध नहीं हैं. चीन ने ताइवान के औपचारिक रूप से स्वतंत्रता की घोषणा करने या एकीकरण को लेकर बातचीत में देरी करने पर उसपर हमला करने की चेतावनी दी है. दोनों देशों के रिश्तों में तब से और कटुता आ गई है जब से बीजिंग की आलोचक ताइवानी राष्ट्रपति साइ इंग वेन ने सत्ता संभाली है.

इससे पहले बीते मार्च में ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीन का विमान वाहक पोत उसके जलक्षेत्र से होकर गुजरा है. उधर, बीजिंग ने देश को बांटने के किसी भी प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी है. मंत्रालय ने कहा कि कई अन्य सहयोगी नौकाओं ने भी मंगलवार (20 मार्च) को ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में प्रवेश किया और वे दोपहर उस जगह से चली गईं.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार (20 मार्च) को राष्ट्रवादी भाषण देकर चीन को बांटने के किसी भी प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी थी. शी ने नेशनलिस्ट पीपुल्स कांग्रेस के सालाना सत्र के समापन के दौरान संबोधन में कहा, ‘देश को बांटने के सभी कृत्य और तिकड़म नाकाम होंगे और इनकी जनता द्वारा निंदा की जाएगी और इतिहास इन्हें सजा देगा.’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Type in
Details available only for Indian languages
Settings
Help
Indian language typing help
View Detailed Help