देरी के चलते कनेक्टिंग फ्लाइट छूटी तो एयरलाइंस देगी 20,000 रुपये तक का मुआवजा

publiclive.co.in[Edited By रंजीत]

नई दिल्‍ली : अगर प्रारंभिक फ्लाइट के विलंब होने की वजह से आपकी कनेक्टिंग फ्लाइट छूटती है तो एयरलाइंस को या‍त्रियों को 20 हजार रुपये तक का मुआवजा देना होगा. जी हां, मुसाफिरों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए नागर विमानन मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए पैसेंजर चार्जर में इस नए नियम का प्रावधान किया गया है. विमानन राज्‍य मंत्री जयंत सिन्‍हा के अनुसार मुसाफिरों की यात्रा को आरामदेह बनाने के लिए मंत्रालय ने नए पैसेंजर चार्टर को नोटीफाई कर दिया है. पैसेंजर चार्टर के तहत एयरलाइंस की गलती से मुसाफिरों को होनी वाली असुविधा के लिए एयरलाइंस को न केवल मुआवजा अदा करना होगा, बल्कि उन्‍हें नि:शुल्‍क सुविधाएं भी उपलब्‍ध करानी होंगी.

चार घंटे से अधिक फ्लाइट विलंब होने पर देगा होगा फुल रिफंड
नए पैसेंजर चार्टर के तहत यदि कोई फ्लाइट चार घंटे से अधिक विलंब होती है और इसकी सूचना मुसाफिरों को चार घंटे एडवांस में नहीं दी जाती है तो एयरलाइंस मुसाफिरों को टिकट का फुल रिफंड देने के लिए बाध्‍य होंगी. इसके अलावा, यदि कोई फ्लाइट रात्रि के 12 बजे तक के लिए डिले होती है तो एयरलाइंस फ्लाइट के सभी मुसाफिरों को नि:शुल्‍क होटल में ठहरने और एयरपोर्ट से होटल ट्रांसफर की सुविधा उपलब्‍ध कराएगी.

कनेक्टिंग फ्लाइट मिस हुई तो मिलेगा हर्जाना
विमानन राज्‍यमंत्री जयंत सिन्‍हा के अनुसार यदि प्रारंभिक फ्लाइट के विलंब होने के चलते किसी मुसाफिर की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट जाती है तो एयरलाइंस को पांच हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक हर्जाना भुगतना होगा. उन्‍होंने बताया कि यदि फ्लाइट तीन घंटे या इससे अधिक विलंब है तो एयरलाइंस हर मुसाफिर को 5000 रुपये हर्जाना देगी. वहीं यह विलंब 4 घंटे से बढकर 12 घंटे तक पहुंच जाता है तो मुसाफिरों को 10,000 रुपये हर्जाना मिलेगा. इतना ही नहीं, 12 घंटे से अधिक विलंब होने पर एयरलाइंस को 20,000 रुपये का हर्जाना देना होगा.

फ्लाइट रद्द होने पर देनी होगी वैकल्पिक फ्लाइट
उन्‍होंने बताया कि फ्लाइट के रद्द होने के बाबत एयरलाइंस को कम से कम दो सप्‍ताह पहले मुसाफिरों को सूचित करना होगा. यदि किसी फ्लाइट के निर्धारित समय से 24 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो एयरलाइंस मुसाफिरों को दूसरी फ्लाइट का टिकट उपलब्‍ध कराएगी. यह फ्लाइट रद्द हुई फ्लाइट के निर्धारित समय से दो घंटे के अंतराल में होनी चाहिए. यदि मुसाफिर वैकल्पिक फ्लाइट से जाने के इच्‍छुक नहीं हैं तो एयरलाइंस को टिकट रिफंड करना होगा. वहीं कोई फ्लाइट निर्धारित समय से 24 घंटे के भीतर रद्द होती है तो एयरलाइंस को एयर टिकट का फुल वैल्‍यू रिफंड देना होगा.

बोर्डिंग से मना किया तो देना होगा 5000 जुर्माना
अक्‍सर देखा गया है कि एयरलाइंस मुनाफे के चक्‍कर में विमान की सीट से अधिक टिकटों की ब्रिकी कर देती हैं. एयरलाइंस का मानना है कि कई मुसाफिर आखिरी समय में अपनी टिकट कैंसिल करा देते हैं. ऐसे में विमान की सीटों को खाली रखने की जगह उनकी अतिरिक्‍त बुकिंग कर लेती हैं. अब मंत्रालय ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि यदि कोई एयरलाइंस ओवर बुकिंग के चलते किसी मुसाफिर को बोर्डिंग देने से मना करती है तो उसे 5000 रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है.

एयरलाइंस ने बैगेज खोया तो मिलेगा हर्जाना
मंत्रालय के अनुसार हवाई यात्रा के दौरान किसी मुसाफिर का रजिस्‍टर्ड बैगेज खो जाता है तो एयरलाइंस 3000 रुपये प्रति किलो की दर से हर्जाना देगी. वहीं, रजिस्‍टर्ड बैगेज समय पर एयरपोर्ट नहीं पहुंचता है तो मुसाफिरों को 1000 रुपये प्रति किलो की दर से मुआवजा मिलेगा. इतना ही नहीं, रजिस्‍टर्ड बैगेज डैमेज होने की स्थिति में भी एयरलाइंस को एक हजार रुपये प्रति किलो की दर से मुआवजा देना होगा.

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